जोधपुर में नर्सिंग होम संचालक को लिंग जांच करते हुए गिरफ्तार किया गया है। पीसीपीएनडीटी की टीम नर्सिंगकर्मी को काफी समय से ट्रैक कर रही थी। आरोपी अल्ट्रासाउंड की पोर्टेबल मशीन को मोबाइल से कनेक्ट करता था। फिर एप पर सोनोग्राफी की फोटोज देखकर बताता था कि लड़का होगा या लड़की। आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने डिकॉय ऑपरेशन किया। इस डिकॉय ऑपरेशन में एक गर्भवती महिला को भी शामिल किया। ये कार्रवाई बनाड़ थाना क्षेत्र के सागर नर्सिंग होम पर देर रात की गई थी। इसके बाद आरोपी ओम प्रकाश चौधरी को शुक्रवार सुबह गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। जहां से उसे जेल (जूडिशल कस्टडी) में भेज दिया गया। आगे पढ़ें पूरा घटनाक्रम सीएमएचओ सुरेंद्र सिंह शेखावत ने बताया- बनाड़ स्थित श्री सागर नर्सिंग होम के संचालक ओम प्रकाश चौधरी के खिलाफ पीसीपीएनडीटी सेल को लगातार भ्रूण लिंग परीक्षण कराने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बारे में कलेक्टर आलोक रंजन को बताया गया। टीम बनाई गई। इस डिकॉय ऑपरेशन को करने के लिए सभी टीम का सहयोग लिया गया। एक गर्भवती महिला को जिसे प्रतापगढ़ से बुलाया गया था। शामिल कर नर्सिंगकर्मी से कॉन्टैक्ट किया। 30 जुलाई को उसने महिला को पावटा बुलाया। महिला पावटा पहुंची। इस दौरान एक पुलिसवाला पति बनकर महिला के साथ पहुंचा। आरोपी पावटा से महिला को अपनी गाड़ी में नर्सिंग होम लेकर रवाना हुआ। पावटा से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे महिला के पति बने पुलिस वाले को गाड़ी से उतार दिया। इसके बाद 6 किलोमीटर दूर अपने नर्सिंग होम पहुंचा। सीएमएचओ ने बताया कि टीम लगातार आरोपी तो ट्रेस कर रही थी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए आरोपी को कथित रूप से भ्रूण लिंग परीक्षण करते समय पकड़ लिया। महिला से 50 हजार लेने का आरोप आरोपी ने गर्भवती महिला से भ्रूण लिंग परीक्षण के एवज में 50 हजार रुपए लिए थे। कार्रवाई के दौरान नकद राशि भी बरामद की गई। पुलिस और पीसीपीएनडीटी सेल ने मौके से पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन सहित अन्य सामग्री जब्त कर जांच शुरू कर दी है। कैसे काम करती है पोर्टेबल मशीन? जांच में सामने आया कि आरोपी कथित रूप से एक पोर्टेबल अल्ट्रासाउंड मशीन का इस्तेमाल करता था। जो तार के जरिए मोबाइल फोन से जुड़ जाती है। मोबाइल में मौजूद एक एप के जरिए सारी इमेज आ जाती है। सामान्य सोनोग्राफी की तरह भ्रूण की तस्वीर दिखाई देती है। नेटवर्क की भी होगी जांच पीसीपीएनडीटी सेल अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी कब से इस अवैध गतिविधि में शामिल था। उसके साथ अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर, प्रमुख शासन सचिव (स्वास्थ्य) गायत्री राठौड़, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम, पीसीपीएनडीटी प्रोजेक्ट निदेशक सोनल मीणा, अतिरिक्त निदेशक अंजली अजीत जोरवाल तथा जिला कलक्टर आलोक रंजन के निर्देशन एवं निकट सुपरविजन में अंजाम दी गई।
मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी निजी नर्सिंगकर्मी ओमप्रकाश चौधरी पिछले काफी समय से पीसीपीएनडीटी टीम की निगरानी में था। डिकॉय ऑपरेशन में जयपुर पीबीआई थाना की निरीक्षक प्रीति चैची एवं संतोष शर्मा, सब-इंस्पेक्टर द्वारका प्रसाद, जोधपुर जिला पीसीपीएनडीटी समन्वयक सरला दाधीच, पाली जिले के महेश कुमार तथा पीबीआई थाना के कॉन्स्टेबल नरेंद्र कुमार, शानु चौधरी और मुकेश सहित राज्य एवं जिला स्तर की पीसीपीएनडीटी टीम के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।