सीकर में आज छात्र संगठन SFI ने कल्याण सर्किल पर धरना दिया है। रात जागो-देश जगाओ के राष्ट्रीय आह्वान के तहत धरना रातभर चलेगा। इससे पहले स्टूडेंट यूनियन SFI के बैनर तले स्टूडेंट्स ने आक्रोश रैली निकालकर कल्याण सर्किल पर गृहमंत्री अमित शाह और केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। स्टूडेंट्स ने केंद्र सरकार के विरोध में जमकर नारेबाजी की। छात्र संगठन SFI के प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका और अखिल भारतीय जनवादी नौजवान सभा(DYFI) के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य सत्यजीत भींचर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में SFI, DYFI, मजदूर संगठन CITU के कार्यकर्त्ता और स्टूडेंट्स ढाका भवन से अमित शाह-धर्मेंद्र प्रधान के पुतले की शवयात्रा लेकर कल्याण सर्किल पहुंचे। सर्किल पर प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भंग करने की मांग को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया। SFI प्रदेशाध्यक्ष विजेंद्र ढाका ने कहा कि केंद्र सरकार की स्टूडेंट्स विरोधी दमनकारी नीतियों के खिलाफ दिल्ली की तरह पूरे देश में जंतर-मंतर सजेंगे। धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा होने तक ये आंदोलन रुकने वाला नहीं है। सरकार जितना दमन करेगी आंदोलन उतना ही उग्र होगा। सीकर के कल्याण सर्किल पर धरना दिया है, जिसमें रातभर स्टूडेंट्स दिल्ली में 20 जुलाई को हुए लाठीचार्ज का विरोध करेंगे। पूर्व विधायक पेमाराम और DYFI के सत्यजीत भींचर ने कहा कि आज सीकर में स्टूडेंट्स स्ट्राइक के तहत सभी कोचिंग्स से भी स्टूडेंट स्ट्राइक में शामिल होने के लिए एक दिन हड़ताल की अपील की गई थी। केंद्र सरकार सिर्फ एक मंत्री के लिए पूरे देश के युवाओं पर डंडे बरसा रही है। देश का युवा और स्टूडेंट इस दमनकारी नीति के खिलाफ मजबूत लड़ाई लड़ेगा। छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में RLP ने किया प्रदर्शन दिल्ली में जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध तथा शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर आज राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) छात्र विंग ने सीकर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और कार्यकर्ताओं ने भाग लिया तथा छात्र हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान RLP ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि छात्रों की आवाज़ आखिर कब सुनी जाएगी, शिक्षा व्यवस्था की जवाबदेही कौन तय करेगा और लोकतंत्र में विरोध दर्ज कराने वालों पर बल प्रयोग क्यों किया जा रहा है? प्रदर्शन के अंत में कार्यकर्ताओं ने कहा कि छात्र हितों की लड़ाई लोकतांत्रिक और संवैधानिक दायरे में लगातार जारी रहेगी तथा जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष भी जारी रहेगा।
