वेरका प्लांट लुधियाना और डिस्ट्रीब्यूटर्स में चल रही तनातनी पर विराम लग गया है। डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन का दावा है कि मैनेजमेंट ने वेरका प्रोडक्ट्स में सुधार हो चुका है और उनकी जो भी प्रॉब्लम थी वह हल हो चुकी हैं। कुछ दिन पहले वेरका डिस्ट्रीब्यूटर एसो, ने समस्याओं को मीडिया के सामने रखा था। बैठक में डिस्ट्रीब्यूटर्स ने कहा था कि उन्हें समय पर डिलीवरी नहीं मिल रही है और उन्हें ऑर्डर से ज्यादा माल दिया जा रहा है। डिस्ट्रीब्यूटर्स ने प्रोडक्ट की गुणवत्ता पर भी सवाल खड़े किए थे। एसोसिएशन के ज्ञान चंद शर्मा का कहना है कि वेरका के प्रोडक्ट्स में सुधार हो गया है। उन्होंने कहा कि क्वालिटी का मुद्दा था, जिसकी वजह से सेल प्रभावित हो रही थी। उन्होंने कहा कि क्वालिटी इंप्रूव होने से उनकी सेल भी बढ़ गई है। सेल बढ़ाना और लोगों को अच्छा माल देना प्राथमिकता उनका कहना है कि उनका मकसद सेल बढ़ाना और लोगों को अच्छा माल देना है। उन्होंने कहा कि अच्छा माल मिलेगा तो सेल भी बढ़ेगी। एसोसिएशन का कहना है कि जो भी समस्याएं थी उन पर विचार करके हल किया गया है।
दूध खराब होने की शिकायतें आ रही थी। ग्राहकों से दूध खराब होने की आई थी शिकायतें डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन का कहना है कि ग्राहकों से दूध खराब होने की शिकायतें आ रही थी। इसके बारे में भी प्रबंधन को अवगत कराया गया। उनका कहना है कि दूध तब खराब होता है जब उसे काफी समय तक उसे फ्रिज से बाहर रखा जाए। उन्होंने कहा कि क्वालिटी का जो इश्यू था वो हल हो गया है। आधे घंटे में दूध खराब होने वाली कोई बात नहीं थी। उनका कहना है कि दूध तब खराब होता है जब उसे काफी समय तक ज्यादा तापमान पर रखा जाए। उन्होंने कहा कि डिस्ट्रीब्यूटर्स ने प्रबंधन को कहा था कि हमें गर्मियों में ओवर सप्लाई न दी जाए क्योंकि गर्मियों में दूध जल्दी खराब हो जाता है। गुणवत्ता पर भरोसा; अब सब कुछ सामान्य उन्होंने जोर देकर कहा कि वेरका के उत्पाद पूरी तरह से सुरक्षित और उच्च गुणवत्ता के हैं। डिस्ट्रीब्यूटर्स के अनुसार, “वेरका प्रबंधन ने हमारी समस्याओं को गंभीरता से सुना और हमारी जायज मांगों पर तुरंत सकारात्मक कदम उठाए हैं। अब परिस्थितियां पूरी तरह सामान्य हैं और उत्पादों की गुणवत्ता में भी स्पष्ट सुधार आया है।”
