जोधपुर शहर में गुरुवार को जगन्नाथ यात्रा निकाली जाएगी। इसके लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सुनारों की घाटी स्थित जगदीश मंदिर में विराजित भगवान जगन्नाथ के शृंगार के लिए नाथद्वारा से मुकुट और पोशाक मंगवाई गई है। साथ ही जगन्नाथपुरी से चावल-भात का प्रसाद और ध्वजा मंगवाई है। चावल-भात का ये प्रसाद गुरुवार को निकलने वाली रथयात्रा में भक्तों को बांटा जाएगा। 350 साल पुराना मंदिर, चंदन की लकड़ी से बनी है प्रतिमा मंदिर के पुजारी गौरव गौड़ ने बताया- ये मंदिर करीब 350 साल पुराना है। हमारे पूर्वज जगन्नाथ पुरी से इसे लेकर आए थे। उन्होंने बताया- प्रतिमा चंदन की लकड़ी से बनी है। रथयात्रा के लिए तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। सुबह 7 बजे यज्ञ होगा और इसके बाद नवनेत्र होंगे। इसके बाद एक प्राचीन रथ में छोटे जगन्नाथ भगवान को मंदिर में निकलेगा। इसके बाद शहर सुनारों की घाटी से घंटाघर और फिर दोबारा मंदिर तक रथयात्रा निकाली जाएगी। सुबह 121 किलो पंच मेवे का भोग भी लगेगा। फिर महाआरती के बाद इसका समापन होगा। अजमेर से मंगवाया सोने की चमक वाला रथ, श्रीनाथजी जैसा होगा शृंगार पुजारी गौरव गौड़ ने बताया- इस बार रथयात्रा के लिए रथ अजमेर से मंगाया है। ये रथ सोने जैसे रंग में रंगा है। साथ ही रथयात्रा में होने वाला शृंगार नाथद्वारा के श्रीनाथजी के स्वरूप जैसा होगा। इसके लिए पोशाक और मुकुट समेत अन्य शृंगार भी नाथद्वारा से मंगवाया गया है। इसके अलावा रथ को सजाने के लिए 200 किलो फूल कोलकाता से मंगवाए गए हैं। कल शहर में निकलेगी चार रथयात्रा
