बालेसर की सेखाला ग्राम पंचायत में रिनिया बालाजी मंदिर के पास 54 बीघा भूमि पर ‘आराध्यम’ का तीन दिवसीय लोकार्पण कार्यक्रम सोमवार को हुआ। इस दौरान नवनिर्मित पक्षी अस्पताल और गौशाला का भी शुभारंभ किया गया। लोकार्पण समारोह में संत महात्माओं के सानिध्य में जोधपुर प्रांत सेवा भारती मंत्री मंगलाराम, शेरगढ़ विधायक बाबूसिंह राठौड़, पीसीसी सदस्य उम्मेदसिंह राठौड़, ट्रस्टी जीवराज सिंह गोगादेव, ट्रस्ट अध्यक्ष नरेंद्र सुराणा, सचिव पायल चोपड़ा और विवेक लुकड़ के परिवारजन उपस्थित रहे। ट्रस्ट अध्यक्ष नरेंद्र सुराणा ने बताया कि आराध्यम में बना गज पक्षी अस्पताल राजस्थान का सबसे बड़ा और अत्याधुनिक सुविधा वाला होगा। वर्तमान में यहां 200 घायल पक्षी उपचाराधीन हैं। नए अस्पताल में सर्जरी, आईसीयू और रिकवरी वार्ड की सुविधाएं उपलब्ध होंगी। ट्रस्ट सचिव पायल चोपड़ा ने कहा कि इस पहल से हजारों बेजुबान पक्षियों का जीवन बचेगा, जो जीव दया और अहिंसा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है। ट्रस्ट ने आराध्यम को ‘हरित परिसर’ के रूप में विकसित किया है, जहां अब तक 200 वृक्ष लगाए जा चुके हैं और 10,000 वृक्ष लगाने का लक्ष्य है। परिसर में जल संचय, प्राकृतिक खेती और नेपियर-धामन चारागाह विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। सचिव पायल चोपड़ा के अनुसार, गौशाला से प्राप्त गोबर और गोमूत्र का उपयोग वर्मी कम्पोस्ट और प्राकृतिक कीटनाशक बनाने में किया जाएगा। इससे स्थानीय महिलाओं को रोजगार मिलेगा और परिसर आत्मनिर्भर बनेगा, जो महिला सशक्तिकरण के ट्रस्ट के मॉडल का हिस्सा है। आराध्यम परिसर में किसी भी प्रकार के नशे का सेवन पूर्णतः वर्जित है, जो ट्रस्ट के ‘व्यसन मुक्ति’ अभियान का विस्तार है। इस अवसर पर केतु मदा पूर्व सरपंच कंवर सिंह गोगादेव, उम्मेदसिंह गोगादेव, कार्यकर्ता ज्योति तातेड़, मिताली, कोमल, नमन, अंकिता, प्रदीप, कृति सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित थे।