निर्जला एकादशी के अवसर पर जिलेभर में श्रद्धा, भक्ति और सेवा का अद्भुत संगम देखने को मिला। शहर के प्रमुख कृष्ण मंदिरों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। प्राचीन गोविंददेवजी मंदिर मोदी का तिबारा, गिरिराज धरण मंदिर, स्वामीनारायण मंदिर तथा श्याम मंदिर में दर्शन के लिए भक्तों की लंबी कतारें लगी रहीं। महिलाएं सिर पर जल से भरे कलश धारण कर मंदिर पहुंचीं और भगवान को भोग-प्रसादी अर्पित कर परिवार की सुख-शांति एवं समृद्धि की कामना की। श्रद्धालुओं ने ठाकुरजी की परिक्रमा कर धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। भगवान के जयकारे गूंजते रहे। पूरे शहर में धर्म-कर्म और भक्ति का माहौल बना रहा। निर्जला एकादशी के अवसर पर विभिन्न सामाजिक संगठनों और श्रद्धालुओं द्वारा शहर के अनेक स्थानों पर शीतल पेय की छबील लगाई गई, जहां राहगीरों और श्रद्धालुओं को ठंडा जल, शरबत और अन्य पेय पदार्थ वितरित किए गए। मेहंदीपुर बालाजी में श्रद्धा और सेवा का संगम इधर, मेहंदीपुर बालाजी कस्बे में भी निर्जला एकादशी पर विशेष उत्साह देखने को मिला। बालाजी युवा सेवा समिति द्वारा मुख्य बाजार में युवाओं ने छबील लगाकर श्रद्धालुओं और राहगीरों को केसरिया ठंडाई, शरबत एवं शीतल पेय वितरित किए। मंदिर में श्रद्धालुओं एवं स्थानीय महिलाओं ने भगवान को मीठे पानी से भरे मिट्टी के कलश, हवा पंखी और आम अर्पित किए। बालाजी धाम में दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं ने भगवान के जयकारे लगाए और निर्जला एकादशी का व्रत रखकर मंदिरों में पूजा-अर्चना की।

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