बीकानेर के प्रिंस बिजय सिंह मेमोरियल (पीबीएम) सरकारी हॉस्पिटल में 5 प्रसूताओं की किडनी फेल होने के बाद ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की खरीद जांच के दायरे में आ गई हैं। हॉस्पिटल में पिछले 8 महीने से ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन की सप्लाई नहीं हो रही है। इसके कारण हॉस्पिटल प्रशासन को इस इंजेक्शन की खरीद लोकल फॉर्मास्यूटिकल कंपनी से करनी पड़ रही है। हॉस्पिटल में हर महीने 1200 से ज्यादा डिलीवरी होती है और करीब 3 हजार इंजेक्शन की जरूरत पड़ती है। आमतौर पर एक प्रसूता को डिलीवरी के समय 2 से 3 बार ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन लगाए जाते हैं। ऐसे में पिछले 6 महीनों में करीब 25 हजार ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन बाहर से खरीदे गए। क्वालिटी और टेस्टिंग को लेकर उठे सवाल
हॉस्पिटल में खरीद प्रक्रिया से जुड़े सीनियर डॉक्टर्स का कहना है कि जब भी सरकारी खरीद से इंजेक्शन किसी हॉस्पिटल को दिए जाते हैं तो उसकी सैंपलिंग होती है। लैब में सैंपल चैक किए जाते हैं। सबकुछ सही होने पर ही डिलीवरी रूम तक ये इंजेक्शन पहुंचते हैं। वहीं दूसरी ओर प्राइवेट खरीद करने पर कंपनी ही बताती है कि उसकी लैब में इंजेक्शन का बैच टेस्टेड है। ऐसे में जहां से इस बार इंजेक्शन खरीदे गए, उनकी क्वालिटी और टेस्टिंग को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। तीन से चार गुना महंगे दामों पर हुई खरीद
सीनियर डॉक्टर्स के अनुसार, सरकारी खरीद में ये इंजेक्शन चार से पांच रुपए प्रति इंजेक्शन की दर से खरीदे जाते हैं। जबकि पीबीएम हॉस्पिटल में बाजार से इन्हें करीब 18 रुपए में खरीदा गया है, जो सरकारी खरीद की दर से तीन से चार गुना महंगी है। 80 तरह की दवाइयों की नहीं हो रही सप्लाई
मुख्यमंत्री निशुल्क योजना के तहत ही सभी सरकारी हॉस्पिटल को दवाओं की सप्लाई की जाती है, लेकिन बीकानेर के पीबीएम हॉस्पिटल सहित जिले के सभी पीएचसी, सीएचसी और सेटेलाइट हॉस्पिटल में फिलहाल 80 तरह की दवाइयों की सप्लाई नहीं हो पा रही है। इसके कारण जरूरत पड़ने पर ये सभी दवाइयां हॉस्पिटल प्रशासन अपने स्तर पर खरीद रहे हैं। डॉक्टर्स को क्लीन चिट देने की तैयारी
6 प्रसूताओं की किडनी फेल होने के मामले में डॉक्टर्स को क्लीन चिट देने की तैयारी है। पीबीएम हॉस्पिटल के अधीक्षक डॉ. बीसी घीया ने बताया कि जोधपुर से मंगलवार की दोपहर बीकानेर पहुंची 6 डॉक्टर्स की टीम ने अपनी जांच पूरी कर ली है। टीम ने वार्ड में भर्ती प्रसूताओं से बातचीत की। साथ ही उनको अब तक दिए ट्रीटमेंट के बारे में भी जानकारी ली थी। जांच टीम अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को सौपेंगी। हालांकि टीम के सभी सदस्यों ने पीबीएम में प्रसूताओं के इलाज और डिलीवरी की प्रक्रिया को सही माना है। इसमें कहीं भी लापरवाही सामने नहीं आई है। इंजेक्शन की जांच रिपोर्ट पांच दिन में आएगी
डॉ. घीया ने बताया कि प्रसूताओं को लगाए गए इंजेक्शन की भी जांच करवाई जा रही है। ड्रग कंट्रोलर विभाग इसकी जांच कर रहा है और करीब 5 दिन में रिपोर्ट मिलने की संभावना है। रिपोर्ट आने के बाद आगे की जांच की जाएगी। यदि किसी स्तर पर इलाज में लापरवाही या अन्य कोई खामी सामने आती है तो जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। प्रसूताओं की हालत में सुधार, एक अभी भी गंभीर
डॉ. घीया के अनुसार, बीकानेर में भर्ती सभी 5 महिलाओं की स्थिति में धीरे धीरे सुधार हो रहा है। कुछ महिलाओं को यूरिनल इश्यूज हुए थे, लेकिन अब उनकी तबीयत में सुधार है। सिर्फ प्रीति नामक पेशेंट्स की हालत अभी तक गंभीर है, जिसकी प्रॉपर मॉनिटरिंग की जा रही है और हर ट्रीटमेंट दिया जा रहा है। जांच टीम ने सैंपल भी कलेक्ट किए है, उनकी रिपोर्ट का इंतजार है। हॉस्पिटल प्रशासन की ओर से अभी तक लापरवाही सामने नहीं आई है। जांच टीम ने कलेक्ट किए सैंपल्स, जयपुर भेजेंगे रिपोर्ट
जोधपुर मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल से 6 डॉक्टर्स की टीम बीकानेर भेजी गई थी। इनमें माइक्रोबॉयलॉजिस्ट, फिजिशियन, नेफ्रॉलॉजिस्ट, पीएसम और गायनी डॉक्टर शामिल है। इस टीम ने पोस्ट कोविड आईसीयू में पहुंचकर प्रसूताओं से बातचीत की थी। अब तक दिए गए इलाज की रिपोर्ट भी कलेक्ट की थी। साथ ही जो इंजेक्शन प्रसूताओं को दिए गए थे, उनकी रिपोर्ट भी हॉस्पिटल मैनेजमेंट से ली हैं। टीम ने सभी क्लिनिकली असेस्मेंट को देखा। ये टीम जयपुर रिपोर्ट बनाकर भेजेगी। जबकि प्रसूताओं को दिए गए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन सही थे या उनमें सॉल्ट संबंधित खामियां थी, इसका भी रिकॉर्ड कलेक्ट किया गया है। टीम की जांच रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार की ओर से मामले में निर्देश जारी किए जाएंगे। हालांकि बुधवार को ही जांच पूरी कर टीम जोधपुर लौट गई। अब 3 पॉइंट्स में समझिए… पूरा मामला ……………………… ये खबर भी पढ़िए… बाजार से मंगवाकर लगाए ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन:प्रसूताओं की किडनी फेल होती रही, हॉस्पिटल प्रशासन ने नहीं दिया ध्यान, 7 दिन बाद बनाई कमेटी बीकानेर के प्रिंस बिजय सिंह मेमोरियल (पीबीएम) सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी के बाद 6 प्रसूताओं की किडनी फेल हो गई। पूरी खबर पढ़िए सरकारी हॉस्पिटल में डिलीवरी, 6 महिलाओं की किडनी फेल:बीकानेर के PBM अस्पताल में लापरवाही, एक मरीज वेंटिलेटर पर; अधीक्षक बोले- जांच कमेटी बनाई कोटा के मेडिकल कॉलेज के बाद बीकानेर के PBM हॉस्पिटल में डॉक्टरों की बड़ी लापरवाही सामने आई है। बीकानेर में सिजेरियन डिलीवरी के बाद एक-एक कर 6 महिलाओं की किडनी फेल हो गई। पूरी खबर पढ़िए
