सिख धर्म के प्रथम गुरु, श्री गुरु नानक देव जी के विवाह पर्व (शादी की सालगिरह) के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाला वार्षिक जोड़ मेला इस बार 18 सितंबर को बटाला के ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री कंध साहिब, गुरुद्वारा डेहरा साहिब और गुरुद्वारा सतकरतारिया साहिब में बेहद श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस ऐतिहासिक पर्व को लेकर क्षेत्र की संगत और धार्मिक संस्थाओं में भारी उत्साह देखने को मिल रहा है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के वरिष्ठ सदस्य जत्थेदार गुरिंदरपाल सिंह गोरा और जत्थेदार गुरनाम सिंह जस्सल ने संयुक्त रूप से एक महत्वपूर्ण निर्णय की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुल्तानपुर लोधी से बटाला तक निकलने वाला अलौकिक नगर कीर्तन इस बार एक दिन के बजाय दो दिवसीय होगा। अधिकारियों के अनुसार, पहले यह नगर कीर्तन एक ही दिन में पूरा होता था, लेकिन रास्ते में विभिन्न स्थानों पर संगत द्वारा किए जाने वाले भव्य स्वागत समारोहों के कारण नगर कीर्तन को बटाला पहुंचने में देर रात हो जाती थी। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सहूलियत और मांग को ध्यान में रखते हुए इस बार इसे दो दिनों में पूरा करने का फैसला लिया गया है। 16 सितंबर को सुल्तानपुर लोधी से शुरू होकर बाबा बकाला साहिब में होगा रात्रि विश्राम जारी किए गए कार्यक्रम के अनुसार, यह भव्य नगर कीर्तन 16 सितंबर को सुबह 9 बजे गुरुद्वारा श्री बेर साहिब, सुल्तानपुर लोधी से अरदास के उपरांत शुरू होगा। विभिन्न पड़ावों से होकर गुजरते हुए यह नगर कीर्तन उसी दिन शाम को गुरुद्वारा श्री गुरु तेग बहादुर साहिब पातशाही नौवीं, बाबा बकाला साहिब पहुंचेगा, जहां नगर कीर्तन का रात्रि विश्राम होगा। 17 सितंबर को बटाला पहुंचेगी संगत, जगह-जगह होगा भव्य स्वागत रात्रि विश्राम के बाद, नगर कीर्तन 17 सितंबर को सुबह 7 बजे बाबा बकाला साहिब से बटाला शहर के लिए प्रस्थान करेगा। विभिन्न कस्बों और गांवों से होते हुए यह नगर कीर्तन शाम को बटाला स्थित गुरुद्वारा सतकरतारिया साहिब पहुंचेगा, जहां श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का भव्य स्वागत किया जाएगा। पूरे मार्ग में संगत द्वारा नगर कीर्तन पर पुष्प वर्षा करने और लंगर सेवा की विशेष तैयारियां की जा रही हैं। धार्मिक संगठनों और प्रबंधकों की बैठक में लिया गया अंतिम निर्णय नगर कीर्तन के इस नए मार्ग और समय सारिणी को अंतिम रूप देने के लिए एक विशेष बैठक का आयोजन किया गया था। इस निर्णय की घोषणा जत्थेदार गुरिंदरपाल सिंह गोरा, जत्थेदार गुरनाम सिंह जस्सल और गुरुद्वारा श्री कंध साहिब के प्रबंधक जगदीप सिंह धारोवाली ने की। बैठक में जत्थेदार जरनैल सिंह डोगरावाला, बीबी गुरप्रीत कौर रूही, गुरुद्वारा श्री बेर साहिब के प्रबंधक अवतार सिंह सहित विभिन्न गुरुद्वारा प्रबंधकीय कमेटियों, सेवा सभाओं और धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधि विशेष रूप से उपस्थित रहे।