श्री सांवलिया सेठ मंदिर में रविवार को महाराष्ट्र से आए एक श्रद्धालु ने सालों तक गुल्लक में जमा की गई राशि से बनवाया गया चांदी का साफा प्रभु को अर्पित किया, जबकि एक अन्य श्रद्धालु ने गुप्त दान के रूप में बैटरी से चलने वाली गोल्फ कार्ट भेंट की। मंदिर मंडल के अनुसार, यह पहला मौका है, जब गोल्फ कार्ट की भेंट प्रभु को मिली है। इसका उपयोग बुजुर्ग, दिव्यांग और दिव्यांग श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा। गुल्लक की बचत से तैयार कराया चांदी का साफा
महाराष्ट्र के अहिल्यानगर निवासी विशाल सुरेश फुलडाळे परिवार सहित दर्शन के लिए मंदिर पहुंचे। उनका परिवार सालों से पारंपरिक फेटा और साफा बनाने-बांधने का कार्य करता है। विशाल ने बताया कि उन्होंने काफी पहले संकल्प लिया था कि अपनी मेहनत की कमाई से भगवान के लिए विशेष भेंट तैयार करेंगे। इसके लिए उन्होंने घर में ‘शेठ के’ नाम से एक गुल्लक रखी और रोजाना उसमें कुछ राशि जमा करते रहे। पर्याप्त धनराशि एकत्र होने पर करीब सवा पाव वजन का चांदी का साफा तैयार कराया, जिस पर सोने का पानी भी चढ़वाया गया। उन्होंने बताया कि व्यापार में लंबे समय से मंदी थी, लेकिन सांवलिया सेठ से मन्नत मांगने के बाद कारोबार में फिर से उन्नति होने लगी। इसी श्रद्धा के भाव से उन्होंने यह भेंट भगवान को समर्पित की। भेंट अर्पित करने के बाद विशाल फुलडाळे ने मंदिर परिसर में अधिकारियों, कर्मचारियों और श्रद्धालुओं को पारंपरिक शैली में फेटा और साफा बांधकर सम्मानित किया। पहली बार मिली गोल्फ कार्ट
अन्य श्रद्धालु ने भी अपना नाम सार्वजनिक किए बिना ड्राइवर सहित आठ लोगों की क्षमता वाली बैटरी संचालित गोल्फ कार्ट मंदिर को दान की। मंदिर मंडल के अनुसार, यह पहली बार है जब मंदिर को इस प्रकार की भेंट मिली है। मंडल अध्यक्ष हजारी दास वैष्णव ने बताया कि गोल्फ कार्ट का उपयोग विशेष रूप से बुजुर्ग, दिव्यांग और अस्वस्थ श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा। जरूरी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद इसे जल्द ही सेवा में लगाया जाएगा। मंदिर प्रबंधन ने दानदाता का प्रसाद, उपरना और सांवलियाजी की छवि भेंट कर सम्मान किया। किसान ने सांवलिया सेठ के नाम कर दी डेढ़ करोड़ की जमीन
एक दिन पहले शनिवार को ही डूंगरपुर के आसपुर के रहने वाले किसान अमरजी पाटीदार ने 1.50 करोड़ की 10.15 बीघा जमीन सांवलिया सेठ के नाम की थी। इसके साथ ही अपने मकान की रजिस्ट्री भी सांवलिया सेठ के नाम करने का स्टांप मंदिर प्रशासन को सौंप दिया था। इसकी प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद करीब डेढ़ करोड़ का मकान भी भगवान के नाम हो जाएगा। अमरजी पाटीदार शनिवार को सांवलिया जी पहुंचे थे। उन्होंने बताया था कि 23 जुलाई को रजिस्ट्री कार्यालय में भगवान के नाम रजिस्ट्री कराई। इसके लिए 10 साल तक चक्कर काटे। इस जमीन पर आम के पेड़ भी है। ये सब सांवलिया जी को समर्पित कर दिए हैं। उनकी इच्छा है कि यहां गौशाला का निर्माण हो या फिर किसी की सामाजिक कार्यक्रम के उपयोग आ सके। …… ये खबर भी पढ़ें… सांवलियाजी को चढ़ाई 25.65 लाख की चांदी की सिल्लियां:श्रद्धालु ने बेटे के लिए मांगी थी मन्नत, पूरी होने पर MP से आया परिवार चित्तौड़गढ़ में सांवलिया सेठ मंदिर में बुधवार को एक श्रद्धालु ने 11 किलो 400 ग्राम वजन चांदी की 19 सिल्लियां भेंट कीं। इनकी बाजार कीमत करीब 25 लाख 65 हजार रुपए आंकी गई है। मध्यप्रदेश के देवास जिले के सोहनगंज क्षेत्र निवासी श्रद्धालु ने अपना नाम सार्वजनिक नहीं किया। मंदिर प्रशासन को बताया कि उसने बेटे से जुड़ी एक मनोकामना लेकर सांवलिया सेठ के दरबार में प्रार्थना की थी। पूरी खबर पढ़ें…