बारां जिले के अंता स्थित वृद्धाश्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के औचक निरीक्षण में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। रजिस्टर में 25 वृद्धजनों के नाम दर्ज थे, लेकिन मौके पर केवल 13 वृद्ध ही मिले। निरीक्षण में भोजन, सुरक्षा, स्वास्थ्य सुविधाओं और देखभाल से जुड़ी खामियां उजागर हुईं। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण बारां के अध्यक्ष के निर्देश पर सचिव हिना परिहार ने यह औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के समय पांच पुरुष और आठ महिला वृद्धजन उपस्थित थे। सचिव ने वृद्धजनों से बातचीत की, जिसमें कई शिकायतें सामने आईं। वृद्धजनों ने शिकायत की कि उन्हें डाइट चार्ट के अनुसार भोजन नहीं मिलता और भोजन की गुणवत्ता भी खराब है। उन्होंने आश्रम परिसर की बनावट को भी असुरक्षित बताया। चिकने फर्श और हॉल में उतरने के लिए बनी सीढ़ियों के कारण कई वृद्धजन गिर चुके हैं। दो वृद्धजनों ने बाथरूम और सीढ़ियों से गिरकर चोट लगने की जानकारी दी। निरीक्षण में यह भी पाया गया कि आश्रम में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए कोई चिकित्सक या नर्स उपलब्ध नहीं है। मनोरंजन के लिए न तो टीवी है और न ही धार्मिक या अन्य पुस्तकें। वृद्धों की सुरक्षा और दैनिक जरूरतों के लिए भी पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। एक और गंभीर मामला सामने आया, जब आश्रम में एक ऐसी महिला मिली जो वृद्ध नहीं लग रही थी। उसके संबंध में आश्रम में कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं था। निरीक्षण के दौरान वह अन्य महिला वृद्धजनों से झगड़ा और गाली-गलौच करती पाई गई, जिसे सचिव ने नियमों का गंभीर उल्लंघन बताया। इसके अतिरिक्त, वृद्धजनों के बिस्तरों से मूत्र की तेज दुर्गंध भी आ रही थी। सचिव हिना परिहार ने वृद्धाश्रम प्रभारी को निर्देश दिए कि वृद्धजनों को मानकों के अनुरूप पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण की व्यवस्था की जाए और सुरक्षा और अन्य आवश्यक सुविधाएं तत्काल सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि वृद्धजनों के साथ सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार किया जाना आवश्यक है। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण भविष्य में भी ऐसे निरीक्षण करता रहेगा ताकि वृद्धाश्रमों में व्यवस्थाओं में सुधार सुनिश्चित किया जा सके।