उत्तराखंड के टिहरी जिले में देवप्रयाग के गंगा दर्शन होटल के पास 2 जून को एक इनोवा कार बेकाबू होकर अलकनंदा नदी में गिर गई थी। जैसलमेर से चारधाम की यात्रा पर गए परिवार के लोग नदी के तेज बहाव में बह गए थे। दुर्घटना के छह दिन बाद रविवार को लापता ज्योत्सना (16) परिहार का शव घटनास्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर कौड़ियाला क्षेत्र में बरामद किया गया। इस हादसे में अब तक ड्राइवर समेत परिवार के पांच लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि आयुष्मान (12) गंभीर रूप से घायल है और ऋषिकेश स्थित एम्स अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं ज्योत्सना की मां गुड्डी परिहार और बहन नम्रता अब भी लापता हैं, जिनकी तलाश जारी है। पहले समझे क्या है पूरा मामला … जैसलमेर निवासी और दिल्ली एम्स में कार्यरत डॉक्टर दिनेश कुमार माली (27) अपने परिवार के साथ चारधाम यात्रा पर उत्तराखंड गए थे। परिवार 26 मई को जैसलमेर से रवाना हुआ था। यात्रा के दौरान उन्होंने अपने पिता लूणाराम को हरिद्वार स्थित पतंजलि आश्रम में पंचकर्म उपचार के लिए छोड़ा। इसके बाद डॉक्टर दिनेश अपनी मां कमला देवी (67), बड़ी बहन गुड्डी देवी (40), भांजी अश्लेषा (18), भांजे आयुष्मान (12), तथा गुड्डी देवी की बेटियां नम्रता (20) और ज्योत्सना (16) के साथ इनोवा कार से उत्तराखंड भ्रमण और चारधाम यात्रा पर निकल गए। 2 जून को परिवार बद्रीनाथ धाम के दर्शन कर हरिद्वार लौट रहा था, जहां उन्हें लूणाराम को वापस साथ लेकर घर लौटना था। इसी दौरान टिहरी जिले के देवप्रयाग में गंगा दर्शन होटल के पास इनोवा कार अनियंत्रित होकर करीब 200 मीटर गहरी खाई में गिरते हुए अलकनंदा नदी में समा गई। अब पढ़िए, सिलसिलेवार घटनाक्रम … 1. हादसे की सूचना मिलते ही रेस्क्यू शुरू 2 जून को हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके बाद गंगा-अलकनंदा नदी के तेज बहाव के बीच तुरंत बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया। 2. घटनास्थल पर इनोवा कार बरामद रेस्क्यू टीमों ने सर्च ऑपरेशन के दौरान नदी से दुर्घटनाग्रस्त इनोवा कार बरामद कर ली। हालांकि कार के अंदर कोई भी सवार मौजूद नहीं था। वाहन पूरी तरह क्षतिग्रस्त और बुरी तरह पिचकी हुई हालत में मिला। 3. शुरुआती तलाशी में चार शव बरामद तलाशी अभियान के दौरान डॉक्टर दिनेश कुमार माली (27), उनकी मां कमला देवी (67), भांजी अश्लेषा (18) और कार ड्राइवर अमित के शव बरामद कर लिए गए। इसके बाद पुष्टि हुई कि तीन लोग अभी भी लापता हैं। 4. तीन लोग लापता, एक बच्चा सुरक्षित बचाया गया हादसे में गुड्डी देवी (40), उनकी बेटी नम्रता (20) और ज्योत्सना (16) लापता हो गईं। वहीं 12 वर्षीय आयुष्मान को रेस्क्यू टीम ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उसे गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया। 5. 8 किलोमीटर क्षेत्र में चला सर्च ऑपरेशन एसडीआरएफ की विशेष गोताखोर टीम ने अलकनंदा नदी में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया। करीब 8 किलोमीटर क्षेत्र में तलाशी के बावजूद लापता तीनों महिलाओं का कोई सुराग नहीं मिला। 6. अंतिम संस्कार और घायल बच्चे का इलाज 5 जून को डॉक्टर दिनेश कुमार माली, कमला देवी, अश्लेषा और ड्राइवर अमित के शवों का हरिद्वार में अंतिम संस्कार किया गया। वहीं गंभीर रूप से घायल आयुष्मान को श्रीनगर बेस हॉस्पिटल से एयरलिफ्ट कर ऋषिकेश एम्स भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। 7. 10 किमी दूर मिला ज्योत्सना का शव 7 जून को कौड़ियाला क्षेत्र में गंगा नदी में चल रहे दूसरे सर्च ऑपरेशन के दौरान एसडीआरएफ को एक युवती का शव मिला। शिनाख्त में यह शव ज्योत्सना परिहार (16) का निकला, जो घटनास्थल से करीब 10 किलोमीटर दूर मिला। इसके बाद हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है। वहीं गुड्डी देवी और उनकी बेटी नम्रता अभी भी लापता हैं और उनकी तलाश जारी है।