नकली मूंगफली बीज घोटाले के मामले में बीज निगम के नामित निदेशक जुगल किशोर समेत 6 आरोपियों को बीकानेर एसीबी स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी आरोपियों को पांच दिन की रिमांड पर भेज दिया है। नकली बीज की शिकायत के बाद कृषि विभाग ने 27 मई को जोधपुर में गोदाम में सर्च कर 15 करोड़ रुपए के बीज सीज किए गए थे। इसके बाद सैंपल पास कराने, कार्रवाई नहीं करने और बीज को वापस गुजरात भेजने को लेकर रिश्वत का खेल शुरू हुआ था। एसीबी को इनपुट मिला था कि बीज निगम के नामित निदेशक तक पहले ही 2 करोड़ रुपए पहुंच चुके हैं। नकली बीज मामले में गुजरात की कंपनी से सांठगांठ की जा रही है। बता दें, 7 जून को लूणकरणसर (बीकानेर) में एक निजी बस से 85 लाख रुपए नकद के साथ स्वतंत्र ज्याणी को पकड़ा गया था। रकम बीज निगम के नामित निदेशक के श्रीगंगानगर स्थित ठिकाने पर पहुंचाई जानी थी। इसके बाद एसीबी ने बीकानेर में जयपुर रोड स्थित नामित निदेशक जुगल किशोर के घर पर छापा मारा, जहां से 1 करोड़ 58 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। कार्रवाई के दौरान जुगल किशोर, किरण कापड़िया, गणपत बिश्नोई, सतपाल सिंह और सुनील सेठिया को भी अलग-अलग जगह गिरफ्तार किया गया था। अब तक 2 करोड़ 44 लाख रुपए नकद बरामद किए जा चुके हैं। अब पढ़िए, सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम … 1. गुणवत्ता जांच में गड़बड़ी से खुला पूरा मामला राज्य सरकार द्वारा किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध कराने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत विभिन्न बीज गोदामों की जांच की गई। 27 मई को किरण कपाड़िया के स्वामित्व वाले मूंगफली बीज गोदाम पर जोधपुर में सर्च कार्रवाई की थी। इस दौरान गुजरात की ‘गजराज’ ब्रांड मूंगफली बीज सैंपल लेकर, बीज बेचने पर रोक लगाई थी। कृषि विभाग ने संबंधित गोदाम को सीज कर दिया था, जहां 15 करोड़ रुपए से अधिक के बीज रखे हुए थे। आरोप है कि बीजों को वापस गुजरात ले जाने की अनुमति और सैंपल पास कराने के मामले में बड़े स्तर पर रिश्वतखोरी का खेल शुरू हुआ। 2. गुजरात की कंपनियों से सांठगांठ और 2 करोड़ की रिश्वत का इनपुट मामले के खुलासे के लिए एसीबी के डीआईजी रामेश्वर सिंह ने 8 विशेष टीमें गठित कीं, जो जयपुर, बीकानेर और जोधपुर में निगरानी कर रही थीं। इसी दौरान एसीबी को इनपुट मिला कि गुजरात की कुछ बीज कंपनियों से सांठगांठ कर कम गुणवत्ता वाले बीज बाजार में बेचने की कोशिश की जा रही है। जांच में यह भी सामने आया कि राजस्थान राज्य बीज निगम के नामित निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई तक एक दलाल के जरिए करीब 2 करोड़ रुपए की रिश्वत पहुंचाई जा चुकी है। 3. पांच से अधिक फोन सर्विलांस पर लेकर तकनीकी जांच शुरू रिश्वत के लेन-देन की सूचना मिलने के बाद एसीबी ने तत्काल कार्रवाई करते हुए पांच से अधिक मोबाइल फोन सर्विलांस पर लिए। जांच में खुलासा हुआ कि रिश्वत की राशि का बड़ा हिस्सा जल्द ही श्रीगंगानगर भेजा जाने वाला है। इसके बाद एसीबी ने संबंधित लोगों की गतिविधियों पर लगातार निगरानी शुरू कर दी। 4. चलती बस में छापा, 85 लाख रुपए के साथ भांजा गिरफ्तार 7 मई को जुगल किशोर बिश्नोई का भांजा स्वतंत्र ज्याणी करीब 85 लाख रुपए नकद लेकर बस से श्रीगंगानगर के लिए रवाना हुआ। सूचना के आधार पर एसीबी टीम ने लूणकरणसर के पास चलती प्राइवेट बस में छापेमारी की और स्वतंत्र ज्याणी को नकदी सहित गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने रिश्वत के नेटवर्क और अन्य लोगों की भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी दी। 5. जयपुर में छापेमारी, निदेशक और दलाल हिरासत में स्वतंत्र ज्याणी की निशानदेही पर एसीबी ने जयपुर में बीटू बाईपास स्थित अरावली अपार्टमेंट से जुगल किशोर बिश्नोई को हिरासत में लिया। वहीं गोपालपुरा स्थित सफारी होटल से किरण कपाड़िया और कथित दलाल सुनील सेठिया को एक ही जगह से पकड़ लिया गया। वही सहयोगी गणपत बिश्नोई को जयपुर और सतपाल को फलौदी से पकड़ा गया था। 6. 2.44 करोड़ नकद बरामद, नेटवर्क की जांच जारी एसीबी की विभिन्न टीमों ने आरोपियों के ठिकानों पर छापेमारी कर अब तक करीब 2 करोड़ 44 लाख रुपए नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा सोने-चांदी के आभूषण, संपत्तियों से जुड़े दस्तावेज और निवेश संबंधी रिकॉर्ड भी जब्त किए गए हैं। एजेंसी आय से अधिक संपत्ति, बेनामी निवेश और पूरे रिश्वत नेटवर्क की जांच कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि रिमांड के दौरान इस मामले में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं। — घोटाले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें … बीज-निगम के नामित निदेशक के घर से 1.58-करोड़ कैश बरामद:बस में 85 लाख रुपए लेकर जा रहा था युवक; ACB ने नाकाबंदी कर पकड़ा बीकानेर में ACB को प्राइवेट बस में सफर कर रहे युवक के पास 85 लाख रुपए नकद मिले। रकम बीज निगम के नामित निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई के श्रीगंगानगर स्थित ठिकाने पर पहुंचाई जानी थी। पूरी खबर पढ़िए