लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने गुरुवार को बूंदी में पासपोर्ट सेवा केंद्र का उद्घाटन किया। इस केंद्र के खुलने से बूंदी जिले के निवासियों को पासपोर्ट बनवाने के लिए अब जयपुर या कोटा नहीं जाना पड़ेगा, जिससे उनका वर्षों पुरानी समस्या समाप्त हो गया है। इस अवसर पर स्पीकर बिरला ने बताया कि पहले बूंदी के लोगों को पासपोर्ट बनवाने के लिए जयपुर या कोटा की लंबी यात्रा करनी पड़ती थी। इसमें उनका समय और धन दोनों खर्च होते थे। अब यह सुविधा उन्हें अपने ही शहर में उपलब्ध हो गई है। उन्होंने जानकारी दी कि पासपोर्ट बनवाने की प्रक्रिया अब बेहद सरल हो गई है। आवश्यक दस्तावेज ऑनलाइन अपलोड करने के बाद, पासपोर्ट मात्र 7 दिनों के भीतर आवेदक के घर पहुंच जाएगा। इससे लोगों को भागदौड़ और लंबी कतारों से मुक्ति मिलेगी। बिरला ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘हर जिले तक सुविधा पहुंचाने’ के संकल्प का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि देश के किसी भी नागरिक को दुनिया में कहीं भी जाने के लिए पासपोर्ट संबंधी सभी सुविधाएं अपने ही जिले में मिले। स्पीकर ने तीन साल पहले कोटा में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय खोले जाने का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि कोटा राजस्थान का अंतिम छोर का जिला है और इसके बाद मध्य प्रदेश शुरू हो जाता है। कुछ आपत्तियों के बावजूद, कोटा-हाड़ौती क्षेत्र के लिए यह कार्यालय आवश्यक था, जिसके लिए उन्होंने निरंतर प्रयास किए थे। कोटा कार्यालय की सफलता पर बात करते हुए बिरला ने बताया कि वहां से अब तक 2 लाख से अधिक पासपोर्ट जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि कार्यालय ने केवल सीमित रहकर काम नहीं किया, बल्कि वैन के माध्यम से गांव-गांव, स्कूलों और विभिन्न संस्थानों में जाकर भी लोगों के पासपोर्ट बनवाए गए। बूंदी में पासपोर्ट सेवा केंद्र खुलने से स्थानीय लोगों को कई लाभ मिलेंगे। उन्हें जयपुर-कोटा के लगभग 200 किलोमीटर के चक्कर से मुक्ति मिलेगी, जिससे समय की बचत होगी और यात्रा व रुकने का खर्च भी कम होगा।
