पीटीआई सीधी भर्ती-2022 में सलेक्ट और नियुक्ति पाने वाले हजारों अभ्यर्थियों का रास्ता साफ हो गया है। जिन अभ्यर्थियों के दस्तावेजों की जांच पूरी होकर पात्रता सही पाई जा चुकी है, उनके वेतन नियमित करने और स्थायीकरण की प्रक्रिया जल्द शुरू हो सकती है। शिक्षा विभाग ने पेंडिंग मामलों की जांच तेज करते हुए 20 जून तक रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। नए आदेश से साफ है कि जिनकी जांच पूरी है उन्हें राहत मिल सकती है। लेकिन जिन अभ्यर्थियों को जांच में अपात्र माना गया है या विवाद है, उनकी पूरी तस्वीर राज्य स्तरीय समिति की रिपोर्ट के बाद ही साफ होगी। किन अभ्यर्थियों को मिलेगी राहत विभाग ने साफ किया है कि जिन अभ्यर्थियों ने राजस्थान के सरकारी विश्वविद्यालयों से पढ़ाई की है, या राज्य स्तरीय काउंसलिंग के जरिए निजी विश्वविद्यालयों में एडमिशन लिया है, उनके डॉक्यूमेंट्स की जांच पूरी हो चुकी है। ऐसे अभ्यर्थियों के खिलाफ कोई विभागीय कार्रवाई या मामला पेंडिंग नहीं है। उनका रिकॉर्ड सही पाया गया है। इन अभ्यर्थियों का वेतन रेगुलर किया जाएगा। साथ ही उन्हें स्थायीकरण का लाभ भी दिया जाएगा। कई अभ्यर्थियों के मामले अभी भी अटके भर्ती में ऐसे भी कई अभ्यर्थी हैं जिनकी पात्रता को लेकर अभी विवाद या संशय बना हुआ है। इन मामलों में सभी दस्तावेज और जांच रिपोर्ट राज्य स्तरीय समिति के सामने रखे जाएंगे। समिति पूरा रिकॉर्ड देखकर तय करेगी कि अभ्यर्थी पात्र हैं या नहीं। विश्वविद्यालयों से जानकारी अभी भी लंबित कुछ विश्वविद्यालयों से अभ्यर्थियों के वैरिफकेशन से जुड़ी जरूरी जानकारी अभी तक नहीं मिली है। ऐसे विश्वविद्यालयों और उनसे जुड़े अभ्यर्थियों की जानकारी 15 जून तक निदेशालय को भेजनी होगी। 20 जून तक पूरी करनी होगी जांच जिन मामलों की जांच अभी चल रही है, उन्हें 20 जून तक पूरा कर रिपोर्ट माध्यमिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर को भेजनी होगी। इसके बाद इन मामलों पर आगे की कार्रवाई होगी। —- मामले से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… ताइक्वांडो के फर्जी सर्टिफिकेट से ली सरकारी नौकरी, 20 गिरफ्तार:ग्रेड थर्ड टीचर भर्ती में लगे थे 19 अभ्यर्थी, राज्य के 14 जिलों और हरियाणा में एक साथ रेड राजस्थान में ग्रेड थर्ड टीचर सीधी भर्ती परीक्षा-2022 में खेल कोटे में फर्जी सर्टिफिकेट से नौकरी पाने वाले 19 अभ्यर्थियों सहित 20 आरोपियों को SOG ने गिरफ्तार किया है। (पूरी खबर पढ़ें…) टीचर भर्ती में फर्जीवाड़ा- ताइक्वांडो सर्टिफिकेट 6-6 लाख में खरीदे:स्टांप पर मिली थी नहीं पकड़े जाने की गारंटी, जानिए कैसे खुला राज ग्रेड थर्ड टीचर भर्ती-2022 में खेल कोटे से नौकरी के लिए 6-6 लाख रुपए देकर फर्जी ताइक्वांडो सर्टिफिकेट बनवाए गए थे। डील करने वाले मास्टरमाइंड विमलेंदु कुमार झा ने स्टांप पर लिखकर नहीं पकड़े जाने की गारंटी ली थी। SOG ने एक मेल में मिले स्क्रीनशॉट से पूरे खेल का भंडाफोड़ कर दिया। (पूरी खबर पढ़ें…)