जयपुर के गुप्त वृंदावन धाम में चल रहे कल्चर कैंप के पहले बैच का रविवार को टैलेंट डे के साथ समापन हुआ। समापन समारोह में बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए सांस्कृतिक और आध्यात्मिक प्रस्तुतियां दीं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पैरेंट्स और अतिथि मौजूद रहे, जिन्होंने बच्चों की प्रस्तुतियों की जमकर सराहना की। टैलेंट डे का मुख्य आकर्षण बच्चों की ओर से प्रस्तुत की गई नाटिका ‘गुप्त वृंदावन धाम का रहस्य’ रही। नाटिका में बच्चों ने बताया कि मुगल आक्रमणों के दौरान श्री गोविंद देवजी को वृंदावन से जयपुर लाया गया था। साथ ही यह भी दिखाया गया कि इसी कारण जयपुर को ‘गुप्त वृंदावन’ के नाम से जाना जाता है। बच्चों ने अपने अभिनय के माध्यम से जयपुर की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को प्रभावी तरीके से मंच पर उतारा। नाटिका ने दर्शकों को जोड़े रखा ‘गुप्त वृंदावन धाम का रहस्य’ नाटिका पूरे कार्यक्रम का केंद्र रही। बच्चों ने अलग-अलग किरदार निभाते हुए श्री गोविंद देवजी के जयपुर आगमन की कहानी को रोचक अंदाज में प्रस्तुत किया। इस दौरान बालिकाओं ने कत्थक नृत्य की प्रस्तुति भी दी। वहीं बच्चों ने श्रीमद्भगवद्गीता के श्लोक सुनाकर अपनी आध्यात्मिक प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
बच्चों के व्यक्तित्व विकास में मददगार हैं ऐसे कैंप गुप्त वृंदावन धाम के अध्यक्ष अमितासना दास ने बच्चों को उनकी प्रस्तुतियों के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों के लिए इस तरह के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कल्चर कैंप बेहद जरूरी हैं। ऐसे शिविर बच्चों के जीवन की मजबूत नींव तैयार करते हैं, उनमें अच्छे संस्कार विकसित करते हैं और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच देते हैं।
अतिथियों ने दी शुभकामनाएं कार्यक्रम में ओम प्रकाश मोदी, अशोक अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, रवि गर्ग, मोहित गर्ग, शंकर रे, मुकुट बिहारी गोयल, मुक्ता गोयल, राजेंद्र मालपानी और अंशिता सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने बच्चों की प्रस्तुतियों की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।