जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (जेएनवीयू) फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने मंगलवार को जैसलमेर के एक निजी कॉलेज श्री करणी कॉलेज में सामूहिक नकल का मामला पकड़ा था। विश्वविद्यालय ने बुधवार को इस पर एक्शन लेते हुए श्री करणी कॉलेज, कजोई (फलसुंड) का परीक्षा केंद्र निरस्त कर दिया है। वहीं कॉलेज की अनियमितता की जांच को लेकर समिति का गठन किया गया है। विश्विविद्यालय ने वहां के सभी परीक्षार्थियों को राजकीय महाविद्यालय, फलसूण्ड के परीक्षा केंद्र पर स्थानांतरित कर दिया गया है। अब इस परीक्षा केंद्र के सभी शेष परीक्षाएं राजकीय महाविद्यालय फलसूंड में आयोजित की जाएंगी। साथ ही कॉलेज की संबद्धता शर्तों और परीक्षा संचालन संबंधी अनियमितताएं कहा। समुचित जांच के लिए कुलगुरु द्वारा समिति का गठन किया गया है। ये था मामला गौरतलब है कि जैसलमेर के श्री करणी कॉलेज कजोई में बीए सेकेंड ईयर के हिंदी साहित्य के पेपर में नकल करवाने का मामला सामने आया था। एग्जाम रूम में लेक्चरर (वीक्षक) ही स्टूडेंट्स को सवालों के आंसर लिखवा रहे थे। एग्जाम रूम में लेक्चरर (वीक्षक) जय करण और ओम प्रकाश स्टूडेंट्स को सामूहिक रूप से सवालों के जवाब लिखवाते मिले। कॉपियों की जांच में सभी के उत्तर लगभग समान पाए गए। सीसीटीवी फुटेज की जांच में भी लेक्चरर की ओर से परीक्षार्थियों को उत्तर डिक्टेट कर (बोल- बोलकर) नकल करवाने की पुष्टि हुई। इसके बाद फ्लाइंग स्क्वॉड टीम ने सभी 93 कॉपी सील कर दी और सामूहिक नकल का मामला दर्ज किया। देचू में प्रैक्टिकल के दौरान नकल का वीडियो वायरल वहीं, देचू के कॉलेज में प्रैक्टिकल एग्जाम में नकल करने का वीडियो सामने आया है। वीडियो में स्टूडेंट मोबाइल से नकल करते नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यूनिवर्सिटी प्रशासन हरकत में आया है और मामले की जांच करवाने की बात कही है। दरअसल, देचू के गवर्मेंट कॉलेज का भूगोल के प्रैक्टिकल आर्दश कॉलेज में चल रहा था। इस दौरान एग्जाम हॉल में मोबाइल फोन लेकर छात्र नकल कर रहे थे। इसका वहां किसी ने वीडियो बना लिया। इसके बाद इसे सर्कुलेट कर दिया। भूगोल का प्रैक्टिकल एग्जाम 8 जुलाई को था, लेकिन इसका वीडियो अब सामने आया है। वहीं, पूरे मामले को लेकर जेएनवीयू कुलगुरु प्रो.पवन कुमार शर्मा ने कहा- मामला हाल ही संज्ञान में आया है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि गवर्नमेंट कॉलेज का मामला है तो सरकार को भी कार्रवाई के लिए अवगत कराया जाएगा। वहीं देचू कॉलेज के नोडल ऑफिसर रमेश कुमार ने बताया- वीडियो प्रेक्टिकल के पहले का है। छात्र भूगोल की फाइल तैयार कर रहे थे और प्रैक्टिकल के दौरान कोई नकल नहीं की गई।