देश-दुनिया में इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में चौके-छक्कों की धूम रही। वहीं IPL के कारण देश की आबो-हवा भी सुधर रही है। दरअसल इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) और वीमन प्रीमियर लीग (WPL) में खेले गए मैच में हर डॉट बॉल पर 500 पौधे BCCI लगाता है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के आदेश के बाद BCCI ने यह पहल 2023 से शुरू की है। इस पहल में अलवर के RTI एक्टिविस्ट का अहम योगदान है अलवर के RTI एक्टिविस्ट हैदर अली (22) ने NGT में साल 2018 में याचिका लगाई थी। इसमें कहा था कि IPL मैचों के दौरान पानी का बेहिसाब कॉमर्शियल उपयोग और बर्बादी की जा रही है। इसमें कहा गया था कि देश के कई राज्य और शहर (जैसे जयपुर, मुंबई, बेंगलुरु आदि) जल संकट और सूखे की स्थिति से जूझते हैं। ऐसे समय में आईपीएल मैचों के लिए स्टेडियम की पिचों और मैदान को हरा-भरा रखने के लिए रोजाना लाखों लीटर साफ और पीने योग्य पानी की बर्बादी की जाती है। इस पर NGT ने याचिका पर सुनवाई करते हुए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI), केंद्र सरकार के जल शक्ति मंत्रालय, केंद्रीय भूजल बोर्ड (CGWB) और सभी राज्यों के क्रिकेट संघों और प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को नोटिस जारी किया था। इसमें जवाब भी मांगा था। इस पर NGT ने स्टेडियमों में भूजल के अंधाधुंध इस्तेमाल पर रोक लगाई थी। वहीं रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम अनिवार्य किया था। इसके अलावा केवल सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (STP) के ट्रीटेड पानी को ही स्टेडियम में इस्तेमाल करने का साल 2021 में आदेश दिया था। बाद में BCCI ने पहल करते हुए साल 2023 से हर डॉट बॉल पर पेड़ लगाने का अभियान शुरू किया। BCCI और TATA समूह की ओर से हर डॉट बॉल पर 500 पौधे लगाए जा रहे हैं। वहीं 2026 के IPL में फाइनल से पहले तक अब तक 5400 डॉट बॉल फेंकी जा चुकी है। इसके हिसाब से 27 लाख पौधे लगाए जाएंगे। NGT में याचिका लगी, 2023 से लगा रहे पौधे हैदर ने क्रिकेट स्टेडियम में होने मैचों में भूजल दोहन को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल में याचिका दायर की थी। इस पर NGT ने 2021 में आदेश दिया गया कि हर स्टेडियम में एसटीपी लगाकर पानी का ट्रीटमेंट करते हुए ग्राउंड पर छिड़काव किया जाए। कोर्ट ने बीसीसीआई को स्टेडियम में होने वाली कमाई का कुछ हिस्सा पर्यावरण जागरुकता और सुरक्षा में खर्च करने के भी आदेश दिए थे। इस पर साल 2023 से बीसीसीआई और क्रिकेट स्टेडियम से कोर्ट यह पालना करवा रहा है। पालना नहीं करने पर SMS सहित 6 स्टेडियम को दिए थे नोटिस नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने अप्रैल 2026 में 6 स्टेडियमों को आदेश की पालना नहीं करने पर नोटिस जारी किया था। ट्रिब्यूनल ने जयपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम, अरुण जेटली स्टेडियम दिल्ली, डीवाई पाटिल स्टेडियम मुंबई, इकाना स्टेडियम लखनऊ, बाराबती स्टेडियम कटक और शहीद वीर नारायण सिंह स्टेडियम रायपुर को ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया था। एनजीटी ने कहा था कि खेल के नाम पर प्राकृतिक संसाधनों की बर्बादी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही इन स्टेडियमों में होने वाली सभी खेल गतिविधियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने की चेतावनी भी दी थी। नोटिस में पालना नहीं करने पर खेल बंद करने के लिए कहा था। हालांकि IPL पूरे हो गए हैं। 2023 में लगाए थे 1 लाख 25 हजार पौधे अलवर के हैदर अली पर्यावरण संरक्षण को लेकर लगातार संघर्ष कर रहे हैं। पिछले दिनों बीसीसीआई ने कोर्ट में लिखकर दिया कि साल 2023 के आईपीएल के अंतिम चार मैचों में 250 डॉट बॉल थी। वहीं इसके एवज में एक लाख 25 हजार पौधे लगाए जा चुके हैं। वहीं अब हर मैच में डॉट बॉल पर ये पौधे लगाए जा रहे हैं। अब तक 9800 डॉट बॉल डाली जा चुकी, 49 लाख पेड़ लगने हैं साल 2023 से IPL और WPL में करीब 9800 डॉट बॉल डाली जा चुकी हैं। इसके अनुसार देश में करीब 49 लाख पौधे लगाए जाने हैं। हैदर ने अब NGT में वापस आवेदन कर पूछा कि कहां-कहां और कितने पौधे लगाए गए हैं। NGT में अगली सुनवाई 6 जून को है। पिछले साल लगाए साढ़े 12 लाख पौधे IPL 2025 में ‘ग्रीन डॉट बॉल’ पहल के तहत रिकॉर्ड तोड़ डॉट बॉलें फेंकी गईं। रिपोर्ट के अनुसार- 2025 के आईपीएल सीजन में 2500 से ज्यादा डॉट बॉलें डाली गई थीं। इसके मुताबिक पिछले साल 12 लाख 50 हजार पौधे लगाए गए थे। इसमें मोहम्मद सिराज (गुजरात टीम) ने 151, प्रसिद्ध कृष्ण (गुजरात टीम) ने 146, खलील अहमद (चेन्नई टीम) ने 137 और अर्शदीप सिंह (पंजाब टीम) ने 137 डॉट गेंदें फेंकी थीं।
इस साल इन गेंदबाजों की बदौलत लगेंगे लाखों पौधे IPL 2026 के अनुसार इस बार सबसे अधिक मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्ण, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह व ऑर्चर ने सबसे अधिक डॉट बॉल फेंकी हैं। इनके कारण सबसे अधिक पौधे लगाए जा रहे हैं। इनके अलावा भी कई प्लेयर्स ने डॉट बॉल फेंकी है।