फलोदी के एक निजी अस्पताल में ऑपरेशन के बाद एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। बाद में समझौता होने पर मेडिकल बोर्ड से पोस्टमॉर्टम कराया और शव परिजनों को सौंप दिया गया। बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया था घटना ननेऊ ग्राम पंचायत के कानासरिया गांव की है। हुकमाराम मेघवाल ने पुलिस को बताया कि 29 मई को उन्होंने अपनी 35 वर्षीय पत्नी सीमा को जेएसके अस्पताल में बच्चेदानी के ऑपरेशन के लिए भर्ती कराया था। शाम 5 बजे ऑपरेशन शुरू हुआ। रात 10 बजे डॉक्टरों ने सीमा को जोधपुर रेफर कर दिया। जोधपुर पहुंचने पर पता चला कि महिला की मौत हो चुकी थी। इसके बाद परिजन रात 3 बजे शव लेकर फलोदी लौट आए और सुबह जेएसके अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गए। वार्ता के बाद बनी सहमति मामले को लेकर अस्पताल संचालक डॉ. जेके मीणा और परिजनों के बीच समझौता वार्ता हुई। इसमें महिला एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. निरंजन मेहरा भी शामिल थे। डॉ. मीणा ने अपना पक्ष रखा, जिस पर सभी ने सहमति जताई। सीआई भंवराराम और सीओ अचल सिंह देवड़ा की मौजूदगी में हुई इस वार्ता के बाद पोस्टमॉर्टम मेडिकल बोर्ड से कराया गया। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। समझौता वार्ता में डॉ. निरंजन मेहरा के साथ एडवोकेट भैराराम मकवाना, दीपाराम मेघवाल, गोरधन जयपाल एडवोकेट और अशोक मेघवाल भी मौजूद रहे।