मुंडावर नगरपालिका क्षेत्र के गांव मोहम्मदपुर में करीब 17 लाख रुपये की लागत से बन रही सीसी सड़क को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखने को मिली। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में घटिया सामग्री के उपयोग, नाली निर्माण नहीं किए जाने और कार्य अधूरा छोड़ने के आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार, यह सीसी सड़क भैया बाबा मंदिर से पीर बाबा मंदिर तक करीब 170 मीटर लंबाई में बनाई जा रही है। निर्माण कार्य मुंडावर नगरपालिका की ओर से करवाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण तय मानकों के अनुसार नहीं हो रहा और गुणवत्ता से समझौता किया जा रहा है। कुछ ही समय में सड़क उखड़ने का आरोप ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने के कुछ समय बाद ही कई स्थानों से टूटने और उखड़ने लगी है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि निर्माण में उपयोग की जा रही सामग्री निम्न स्तर की है, जिसके कारण सड़क टिकाऊ नहीं बन पा रही। प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने कहा कि यदि अभी से सड़क की स्थिति खराब हो रही है, तो आने वाले समय में लोगों को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। नाली निर्माण नहीं होने से जलभराव की आशंका ग्रामीणों ने बताया कि सड़क के साथ पानी निकासी के लिए नाली का निर्माण नहीं किया गया है। ऐसे में बरसात के दौरान जलभराव की समस्या उत्पन्न होने की आशंका है। इसके अलावा सड़क का कुछ हिस्सा अधूरा छोड़ दिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों को आवाजाही में दिक्कत हो रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार नगरपालिका अधिकारियों को इस संबंध में शिकायत दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीण बोले- निर्माण का विरोध नहीं, गुणवत्ता चाहिए प्रदर्शन के दौरान ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि वे सड़क निर्माण कार्य रुकवाना नहीं चाहते। उनकी मांग केवल इतनी है कि सड़क निर्माण उच्च गुणवत्ता के साथ किया जाए और नाली सहित सभी अधूरे कार्य जल्द पूरे किए जाएं। इस मामले में मुंडावर नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी योगेश गुर्जर ने कहा कि कुछ ग्रामीण निर्माण कार्य में बाधा डाल रहे हैं। हालांकि ग्रामीणों ने इस बयान का विरोध करते हुए कहा कि वे केवल घटिया निर्माण सामग्री और अधूरे काम का विरोध कर रहे हैं, न कि निर्माण कार्य में रुकावट पैदा कर रहे हैं। गुणवत्ता सुधार नहीं होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी प्रदर्शन में थावरसिंह, सुखीराम, महेंद्र, बिजेंद्र, चरणसिंह, मीरसिंह, पूर्णसिंह, मिश्रीदत्त, किशोरीलाल, पृथ्वीसिंह और यशपाल सहित बड़ी संख्या में महिलाएं और ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि सड़क निर्माण की गुणवत्ता में सुधार नहीं किया गया और अधूरे कार्य जल्द पूरे नहीं हुए, तो वे अपने आंदोलन को और तेज करेंगे।
