शहर में शुक्रवार को मां आशापुरा गुरुकुल घुमन्तू जाति छात्रावास के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय घुमन्तू कार्य प्रमुख दुर्गादास मुख्य वक्ता रहे, जबकि राजस्थान सरकार के कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत मुख्य अतिथि थे। समारोह में सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग, पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख, पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा, विभाग संघ चालक सुरेशचन्द्र माथुर, छात्रावास समिति अध्यक्ष बोहराराम बोराणा सहित कई जनप्रतिनिधि और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती विद्या मंदिर परिसर में अतिथियों द्वारा पौधरोपण और मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुई। छात्रावास के स्टूडेंट्स ने वैदिक मंत्रोच्चार, स्वागत गीत और भजन प्रस्तुत कर अतिथियों का स्वागत किया। समिति के सह सचिव राजेश चौधरी ने छात्रावास का वार्षिक प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। मुख्य वक्ता दुर्गादास ने कहा कि घुमन्तू समाज ने स्वतंत्रता संग्राम से लेकर राष्ट्र निर्माण तक महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने समाज के उत्थान के लिए सभी से सहयोग का आह्वान करते हुए कहा कि घुमन्तू कार्य जगन्नाथ का रथ है, इसमें सभी का हाथ लगना चाहिए। कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत ने कहा कि राज्य सरकार ने पहली बार 71 हजार घुमन्तू कार्ड जारी किए हैं। साथ ही समाज के कौशल विकास और सामाजिक उत्थान के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि जैसलमेर में करीब 5 करोड़ रुपए की लागत से घुमन्तू समाज के लिए कौशल विकास केंद्र तैयार किया गया है, जिसका जल्द लोकार्पण होगा। समारोह में भामाशाह अरविंद गुप्ता एवं उनके परिवार का विशेष सम्मान किया गया। परिवार की ओर से छह कमरों, रसोई, वंदना हॉल, शौचालय, गीजर, सीसीटीवी कैमरे, टीवी और कंप्यूटर जैसी आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित छात्रावास भवन का निर्माण कर समाज को समर्पित किया गया। सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने घुमन्तू समाज के राष्ट्र और धर्म रक्षा में योगदान की सराहना की। वहीं पूर्व विधायक ज्ञानचंद पारख ने छात्रावास को शिक्षा का मंदिर बताते हुए स्टूडेंट्स के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पूर्व सभापति महेन्द्र बोहरा ने इसे समाज सेवा का प्रेरणादायी उदाहरण बताया। समारोह के दौरान जोधपुर प्रांत प्रचारक विजयानंद ने वर्ष 2020 से छात्रावास में निरंतर सेवाएं दे रहे अधीक्षक लालाराम और उनकी धर्मपत्नी को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम में संघ पदाधिकारी, छात्रावास समिति के सदस्य, भामाशाह तथा बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे।
