लुधियाना में नशा छुड़ाने के नाम पर भोले-भाले लोगों और उनके परिवारों से ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। लुधियाना के लाडोवाल पुलिस स्टेशन की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए एक अवैध नशा मुक्ति केंद्र पकड़ा है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है जो बिना किसी मंजूरी के एक शेड में यह अवैध केंद्र चला रहे थे। गश्त के दौरान मिली गुप्त सूचना मामले की जांच कर रहे एएसआई (ASI) मेजर सिंह ने बताया कि 26 मई को वह अपनी पुलिस पार्टी के साथ इलाके में गश्त के संबंध में लाडोवाल के मेन चौक के पास मौजूद थे। इसी दौरान एक खास मुखबिर ने पुलिस को पुख्ता सूचना दी कि हंबड़ा रोड स्थित गांव कुतबेवाल गुज्जरां में तनेजा पैलेस के पास बने एक बड़े शेड हॉल में कुछ लोग गैर-कानूनी तरीके से नशा मुक्ति केंद्र चला रहे हैं। मिलीभगत से चल रहा था ठगी का खेल पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी आपस में मिलीभगत करके यह पूरा नेटवर्क चला रहे थे। ये लोग नशे की लत के शिकार युवाओं के परिवारों को झांसा देकर उन्हें अपने जाल में फंसाते थे और नशा छुड़ाने के नाम पर उनसे मोटी रकम ऐंठते थे। इस केंद्र को चलाने के लिए इनके पास कोई कानूनी मान्यता या मेडिकल सुविधा नहीं थी। इन आरोपियों के खिलाफ हुआ मामला दर्ज पुलिस ने मुखबिर की सूचना को आधार बनाते हुए तुरंत कार्रवाई की और लाडोवाल थाने में एफआईआर की है। इन आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) (धोखाधड़ी) और 61 (आपराधिक साजिश) के तहत मामला दर्ज किया गया है।
नामजद आरोपियों की पहचान हरविंदर सिंह उर्फ तनेजा निवासी गांव कुतबेवाल गुज्जरां, लुधियाना। और अमनदीप सिंह उर्फ मनी निवासी गली नंबर 1, चिमनी रोड,शिमलापुरी, लुधियाना। साथ दमनप्रीत सिंह निवासी कुबड़ा, सेक्टर 64, मोहाली (SAS नगर)। आगे की जांच जारी थाना लाडोवाल की पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि यह फर्जी नशा मुक्ति केंद्र कब से चल रहा था और अब तक कितने लोगों को इसका शिकार बनाया जा चुका है।
