सुजानपुर के नई आबादी कैलाशपुर गांव में मिट्टी की कथित अवैध माइनिंग का मामला सामने आया है। स्थानीय लोगों की सूचना पर माइनिंग विभाग ने मौके पर दबिश दी और जांच शुरू की। विभाग के जेई रजत जांच के लिए घटनास्थल पर पहुंचे। विभागीय टीम के पहुंचने से पहले ही अवैध माइनिंग में शामिल लोग मौके से फरार हो गए थे। हालांकि, घटनास्थल पर मिट्टी की खुदाई के निशान और मशीनों के इस्तेमाल के सबूत मिले हैं।
मिट्टी माइनिंग की सूचना मिली थी
माइनिंग विभाग के जेई रजत ने बताया कि विभाग को इलाके में मिट्टी माइनिंग की सूचना मिली थी, जिसके बाद निरीक्षण किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि माइनिंग के लिए उचित अनुमति ली गई है, तो कोई समस्या नहीं है, लेकिन बिना अनुमति के यह नियमों का उल्लंघन माना जाएगा।
मामले की गहनता से होगी जांच
जेई रजत ने आगे बताया कि विभाग इस पूरे मामले की गहन जांच करेगा। इसमें यह पता लगाया जाएगा कि माइनिंग कार्य के लिए प्रशासन या माइनिंग विभाग से मंजूरी ली गई थी या नहीं। साथ ही, निकाली गई मिट्टी की मात्रा और पर्यावरण संबंधी नियमों के पालन की भी जांच की जाएगी।
अधिकारियों को जाएगी रिपोर्ट, नियमानुसार होगी कार्रवाई
जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, जिसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि अवैध माइनिंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।