नागौर में हुए 9 करोड़ के पोषाहार गबन घोटाले में ACB ने 18 लोगों की गिरफ्तारी की है। मामला 2018 का था। एसएसपी कल्पना सोलंकी के नेतृत्व में एसीबी टीम ने महिला एवं बाल विकास विभाग के कनिष्ठ लिपिक (एलडीसी), महिला पर्यवेक्षक, एएओ और संविदा कर्मियों की गिरफ्तारी हुई है। इन सभी पर फर्जी चालान और बिल तैयार कर पोषाहार के नाम पर लाखों रुपए का भुगतान उठाने और राजकोष को नुकसान पहुंचाने का आरोप है। एसीबी ने सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया है। एसीबी की ASP कल्पना सोलंकी ने बताया कि पोषाहार वितरण में 9 करोड़ का घोटाला था। जिसमें 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें एक आरोपी अब भी फरार है। इनकी हुई गिरफ्तारी मामले में एसीबी ने कुचामन सिटी से महिला पर्यवेक्षक हेमा अग्रवाल, गीता वर्मा, मनीष शेखावत, अंजू शर्मा, संविदा कर्मी राजेंद्र प्रसाद दायमा और विजेंद्र सिंह सहित 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। वहीं, परबतसर से चार कार्मिकों खूबचंद भाकर, मूली देवी, संतोष देवी और कमल किशोर को दबोचा गया है। परबतसर से गिरफ्तार आरोपियों में से एक पहले से निलंबित है, एक सेवानिवृत्त हो चुका है और 2 वर्तमान में कार्यरत हैं। इसके अलावा डेगाना, मकराना और जायल क्षेत्र से भी गिरफ्तारियां की गई हैं। मामले में आरोपी नरेंद्र दायमा अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। 50 लाख 75 हजार कैश मिले थे इस घोटाले की सूचना साल 2018 में ACB को मिली थी। इसके बाद एसीबी ने लगातार चार दिनों तक सर्च कार्रवाई की थी। मामले में ACB को 50 लाख 75 हजार रुपए कैश बरामद हुए थे। लंबी जांच और पुख्ता सबूत मिलने के बाद अब एसीबी ने कार्रवाई करते हुए 18 आरोपियों को एक साथ दबोचा है। एसीबी इस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और जांच में जुटी है।
