झुंझुनूं जिले के पचेरीकलां बाजार में युवक को बदमाशों ने मारपीट कर घायल कर दिया। युवक अपने चाचा का इलाज करवाकर लौट रहा था। बदमाशों ने युवक से तीन लाख रुपये भी लूट लिए और गले से सोने की चेन लूटकर ले गए। बदमाशों ने युवक को जबरन गाड़ी में बैठाकर ले जाने का भी प्रयास किया। घटना दोपहर 3 बजे पेचरीकलां थाना क्षेत्र की है। थानाधिकारी लक्ष्मीनारायण ने बताया- दोनों पक्षों में दुकानों के बटवारे को लेकर विवाद चल रहा है। पहले भी कई बार आपस में समझौता वार्ता हो चुकी, लेकिन विवाद नहीं निपटा। आज दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। मामले की जानकारी जुटाई जा रही है आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। घायल आशीष ने बताया- उसके चाचा प्रताप सिंह व उसके ससुर नांगतिहाड़ी नारनौल हरियाणा निवासी महावीर प्रसाद ने पचेरीकलां से बुहाना जाने वाली सड़क पर करीब चार साल पहले आठ दुकाने खरीदी थी। अब ससुर का कुछ समय पहले निधन हो जाने के बाद उसकी ससुराल पक्ष के लोगों से दुकानों को विवाद चल रहा है। इसी विवाद को लेकर ससुराल पक्ष की ओर से वारदात को अंजाम दिया गया है। चाचा का इलाज करवार का लौट रहा था युवक इंद्रसर निवासी आशीष ने बताया- करीब तीन बजे अपने चाचा प्रताप का इलाज करवाकर नारनौल स्थित पेट्रोल पंप से घर लौट रहे थे। इसी दौरान पचेरी बाजार में पहले से मौजूद हरियाणा के नागतिहाड़ी गांव के संजीव, पिंटू, सुमन और शर्मिला ने उनकी बाइक रोक ली और उन पर हमला कर दिया। अशाीष ने कहा कि हमलावरों ने उनके साथ मारपीट की। इस दौरान उनके गले से सोने की चेन छीन ली गई और पेट्रोल पंप की बिक्री के करीब तीन लाख रुपये भी लूट लिए गए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमलावर उन्हें जबरन गाड़ी में डालकर अपने साथ ले जाने का प्रयास कर रहे थे। प्राथमिक उपचार के बाद झुंझनूं रेफर घटना के बाद घायल आशीष को तत्काल राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, पचेरी पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें झुंझुनूं रेफर कर दिया। कारगिल युद्ध में शहीद हुए आशीष के पिता आशीष के पिता राजकुमार यादव सेना में ग्रेनेडियर थे। 2 जुलाई 1999 को कारगिल युद्ध के दौरान द्रास सेक्टर में दुश्मनों का बहादुरी से मुकाबला करते हुए मातृभूमि की रक्षा में अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे।