बांसवाड़ा दौरे पर पहुंचे विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने कहा- मैं हमेशा ‘अकबर महान’ पढ़ता था, जिससे मन में पीड़ा होती थी। जिस आक्रांता ने इस राष्ट्र पर आक्रमण किया, उसे हम महान कहेंगे? इसलिए शिक्षा मंत्री बनते ही मैंने पाठ्यक्रम में बदलाव किया और ‘अकबर महान’ को हटाकर ‘प्रताप महान’ किया और पाठ्यक्रम में शामिल किया। उन्होंने कहा- अभी तक पढ़ रहे होंगे कि भारत की खोज किसने की? तो वास्कोडिगामा का नाम आता है। यानी अंग्रेजों ने और उनसे पहले इस देश पर शासन करने वालों ने हमें हमारी जड़ों से काटा। भारत कितना पुराना है? शायद सनातन 5 हजार या 10 हजार साल पुराना है, उसको वास्कोडिगामा खोजेगा? हमने विश्व को खोजा है, हमको किसी ने नहीं खोजा। GGTU में अध्ययन पीठ का शुभारंभ वासुदेव देवनानी रविवार को बांसवाड़ा दौरे पर पहुंचे। गोविंद गुरु जनजातीय विश्वविद्यालय (GGTU) में पंडित दीनदयाल उपाध्याय अध्ययन पीठ का शुभारंभ किया। विश्वविद्यालय पहुंचने पर कुलपति केशव ठाकुर ने गुलदस्ता भेंट कर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में गढ़ी विधायक कैलाश मीणा, पूर्व कुलपति एवं संरक्षक कैलाश सोडाणी सहित कई प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। इतिहास पर बोले- ‘हमने विश्व को खोजा है, हमें किसी ने नहीं खोजा’ कार्यक्रम में शिक्षा, संस्कृति और भारतीय चिंतन को लेकर चर्चा के दौरान वासुदेव देवनानी ने कहा- भारत हजारों साल पुरानी सनातन संस्कृति वाला देश है। हमने विश्व को खोजा है, हमें किसी ने नहीं खोजा। उन्होंने कहा कि विदेशी शासकों ने भारतीय इतिहास और संस्कृति को कमजोर करने का काम किया। बांसवाड़ा के विकास कार्यों की सराहना की कार्यक्रम के बाद मीडिया से बातचीत में देवनानी ने कहा-मुझे अच्छी तरह याद है कि जब मैं पहली बार 1970-71 में बांसवाड़ा आया था, तब यहां का बस स्टैंड, सड़कें और हालात बिल्कुल अलग थे। आज बांसवाड़ा में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। बीच की सरकारों ने भी काम किया और वर्तमान में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की प्राथमिकता में भी बांसवाड़ा का चौतरफा विकास शामिल है। त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दर्शन, प्रशासन रहा अलर्ट GGTU के कार्यक्रम और स्थानीय मुलाकातों के बाद विधानसभा अध्यक्ष के प्रसिद्ध शक्तिपीठ मां त्रिपुरा सुंदरी मंदिर में दर्शन-पूजन के लिए जाने का कार्यक्रम तय हुआ। वीआईपी दौरे को देखते हुए जिला प्रशासन अलर्ट मोड पर रहा। विश्वविद्यालय परिसर से लेकर मंदिर तक सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।