बरनाला जिले के कुब्बे गांव में गुरुद्वारा सिंह सभा साहिब में श्री अखंड पाठ साहिब प्रकाश करवाने को लेकर दो गुटों के बीच विवाद हो गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन और भारी पुलिस बल मौके पर तैनात किया गया है। गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान डॉक्टर मुख्तियार सिंह, उप-प्रधान बलजीत सिंह और कोषाध्यक्ष मनजीत सिंह ने बताया कि हर साल की तरह इस बार भी गेहूं की फसल की अच्छी पैदावार और गांव की सुख-शांति के लिए गांववासियों के सहयोग से श्री अखंड पाठ साहिब का प्रकाश करवाकर भोग डाले जाने थे। उन्होंने स्पष्ट किया कि गेहूं की फसल पकने के दौरान ओलावृष्टि का डर रहता है, जिसके चलते गांववासियों ने यह मन्नत मांगी थी। कमेटी प्रबंधकों ने आरोप लगाया कि जब वे आज अखंड पाठ प्रकाश करवाने के लिए गुरुद्वारा साहिब पहुंचे, तो वहां मौजूद बाबा बूटा सिंह ने उन्हें रोक दिया। बाबा बूटा सिंह बोले- भोग पड़ने के बाद ही नया पाठ रखा जा सकता है बाबा बूटा सिंह ने तर्क दिया कि पहले से चल रहे अखंड पाठ साहिब के भोग पड़ने के बाद ही नया पाठ रखा जा सकता है। हालांकि, कमेटी सदस्यों का कहना है कि सुबह 9:30 बजे तक कोई भी पाठ शुरू नहीं किया गया था। कमेटी सदस्यों ने बाबा बूटा सिंह पर मनमानी करने और कमेटी के फैसलों को न मानने का आरोप लगाया। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें पाठ नहीं करने दिया गया, तो वे वहीं धरने पर बैठ जाएंगे। बाबा बूटा ने आरोपों को नकारा दूसरी ओर, इस संबंध में बाबा बूटा सिंह ने आरोपों को नकारते हुए कहा कि उनकी इस तरह की कोई सीधी बातचीत नहीं हुई है। उन्होंने स्पष्ट किया कि गुरुद्वारा साहिब में जब भी कोई अखंड पाठ होता है, तो वह हमारे स्थानीय पाठी सिंह ही करते हैं। लेकिन ये लोग बाहर से पाठी लेकर आए हैं। हम बाहरी पाठियों से पाठ नहीं करने देंगे। यदि कोई बाहर से आकर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की मर्यादा के साथ कोई शरारत या लापरवाही करता है, तो उसका सारा जिम्मेदार मुझे ठहराया जाएगा। इसलिए मैं ऐसा नहीं होने दूंगा। उन्होंने आगे कहा कि इस मौके पर शिरोमणि कमेटी (एसजीपीसी) की टीम पहुंची हुई है और वह जो भी फैसला करेगी, वही माना जाएगा। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बरनाला से इंस्पेक्टर जगजीत सिंह और थाना धनौला के प्रभारी गुरविंदर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस प्रशासन द्वारा दोनों पक्षों को बिठाकर मामले को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के प्रयास किए जा रहे थे।
