झालावाड़ में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विद्यालय द्वारा ग्रीष्मकालीन शिविर का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर बच्चों को योग, मूल्य शिक्षा और ध्यान का अभ्यास कराया गया।
ब्रह्माकुमारी नेहा दीदी ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि जो बच्चे सूर्योदय से पहले जागते हैं, वे स्वस्थ और समृद्ध रहते हैं। नेहा दीदी ने बच्चों को फास्ट फूड नहीं खाने की सलाह दी, क्योंकि यह स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि माता-पिता ही बच्चों के पहले गुरु होते हैं और बच्चे अपने माता-पिता के आचरण से सीखते हैं। उन्होंने वर्तमान समय में बच्चों के बौद्धिक विकास में कमी पर चिंता व्यक्त की। नेहा दीदी ने बताया कि आजकल बच्चे खाना नहीं खाने पर मोबाइल मांगते हैं या गणित के सवालों के लिए भी मोबाइल का अधिक उपयोग करते हैं, जिससे उनका बौद्धिक विकास प्रभावित हो रहा है। उन्होंने माता-पिता को सलाह दी कि वे बच्चों की गलतियों को प्यार से समझाएं और उन्हें सही-गलत का ज्ञान दें।
कार्यक्रम के समापन पर उन्होंने सभी उपस्थित बच्चों को राजयोग मेडिटेशन का अभ्यास भी कराया।