राजस्थान में अवैध शराब के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए आबकारी विभाग एक्शन मोड में है। आबकारी आयुक्त नमित मेहता के निर्देश पर विभाग की टीमें लगातार नाकाबंदी कर रही हैं। गश्त के साथ संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की जा रही है। इस विशेष अभियान के तहत राज्य के अलग-अलग जिलों से भारी मात्रा में अवैध शराब जब्त की गई। शराब बनाने में काम आने वाले लाखों लीटर वॉश को मौके पर ही नष्ट कर दिया गया है।
21 दिनों में 1652 केस दर्ज, करोड़ों की शराब जब्त
आबकारी आयुक्त नमित मेहता के नेतृत्व में यह विशेष अभियान 1 मई से 21 मई 2026 तक चलाया गया। इन 21 दिनों के भीतर ही विभाग ने कार्रवाई करते हुए कुल 1652 मामले दर्ज किए हैं। इस दौरान बड़े पैमाने पर देसी, अंग्रेजी शराब और बीयर पकड़ी गई है। आंकड़ों की बात करें तो करीब 16 लाख 9 हजार रुपए की 5994 लीटर देसी शराब और 3 करोड़ 17 लाख रुपए से ज्यादा कीमत की 31 हजार 610 लीटर अंग्रेजी शराब जब्त की गई है। इसके अलावा 43 लाख 39 हजार रुपए से ज्यादा की बीयर और 11 हजार 390 लीटर हथकड़ शराब भी पकड़ी गई है। विभाग ने इस कार्रवाई के दौरान 4 लाख 50 हजार 663 लीटर वॉश को मौके पर ही बहाकर नष्ट कर दिया। शराब तस्करी में शामिल 73 वाहनों को भी जब्त किया गया है, जिनमें 13 बड़े वाहन, 3 कारें और 56 मोटरसाइकिलें शामिल हैं। पुलिस और आबकारी टीम ने अब तक 755 आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
जगह-जगह छापेमारी, भट्टियां कीं नष्ट
अवैध शराब के खिलाफ आबकारी निरोधक दल (ईपीएफ) की टीमें लगातार मैदान में डटी हुई हैं। राजसमंद के कामली घाट आबकारी थाना इलाके में टीम ने दबिश देकर 25 लीटर हथकड़ शराब पकड़ी और अवैध रूप से चल रही शराब की भट्टी को तोड़ दिया। इसी तरह हनुमानगढ़ जिले के गंगागढ़ देबूगढ़ और गंगाघाट इलाकों में बड़ी कार्रवाई की गई, जहां टीम ने 5 हजार लीटर वॉश और 8 कच्ची भट्टियों को पूरी तरह नष्ट कर दिया। वहीं पाली में भी टीम ने एक आरोपी को दबोचा, जिसके पास से अंग्रेजी शराब के पव्वे और बीयर की बोतलें मिलीं।
अवैध शराब पर जीरो टॉलरेंस की नीति
राजस्थान के सभी जिलों में इस समय पुलिस और आबकारी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। राज्य में अवैध शराब को लेकर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जा रही है, यानी किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इस पूरे अभियान को सफल बनाने के लिए सभी अतिरिक्त आबकारी आयुक्त जोन, आबकारी उपायुक्त, जिला आबकारी अधिकारी, आबकारी निरीक्षक और निरोधक दल दिन-रात सघन चेकिंग और गश्त करने में जुटे हुए हैं ताकि अवैध शराब के इस पूरे नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।