बूंदी कलेक्टर हरफूल सिंह यादव ने शुक्रवार को कृषि विभाग की योजनाओं की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों का कल्याण सर्वोपरि है और सभी पात्र कृषकों को सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ मिलना सुनिश्चित किया जाए। यह बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई। कलेक्टर यादव ने कहा कि कृषि क्षेत्र में उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए किसानों को नवाचारों और वैज्ञानिक पद्धतियों से जोड़ना समय की मांग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। बैठक में विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की बिंदुवार समीक्षा की गई और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा हुई। बैठक में जिला कलेक्टर ने तारबंदी, फार्म पॉण्ड, पाइपलाइन और पॉलीहाउस जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं के तहत किसानों को मिलने वाली सब्सिडी राशि के निर्धारित लक्ष्यों को हर हाल में हासिल करने के निर्देश दिए। उन्होंने ‘धरती आबा अभियान’ के तहत अनुसूचित जनजाति (एसटी) आबादी वाले चयनित गांवों में विशेष प्रयास करने पर भी जोर दिया।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे ग्रामीणजनों को सभी योजनाओं के प्रति जागरूक करें और पात्र ग्रामीणों के मौके पर ही आवेदन करवाएं। कलेक्टर ने किसानों को जैविक खेती और ‘सस्टेनेबल अप्रोच’ के साथ खेती करने के लिए प्रेरित करने को भी कहा। आगामी सीजन को देखते हुए उर्वरक की मांग के लिए अभी से कार्ययोजना बनाने के निर्देश दिए गए, ताकि किसानों को खाद-बीज की किल्लत का सामना न करना पड़े। जिला कलेक्टर ने जमीनी स्तर पर योजनाओं का प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए कृषि पर्यवेक्षकों को पाबंद किया। उन्होंने निर्देश दिए कि कृषि पर्यवेक्षक नियमित रूप से गांवों में जाएं और चौपाल व संगोष्ठी के माध्यम से जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर किसानों को योजनाओं की जानकारी उपलब्ध करवाएं। बैठक में कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक राजेश कुमार शर्मा, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक नीलकमल सक्सैना, उद्यानिकी विभाग के उप निदेशक पांचू लाल मीणा और आत्मा परियोजना के उप निदेशक कौशल कुमार सोमानी सहित विभिन्न विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।