धौलपुर जिले में कोर्ट ने 8 पुलिसकर्मियों को भगोड़ा घोषित कर उनके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया है। ये पुलिसकर्मी कंचनपुर थाना क्षेत्र के जमालपुरा गांव में घर में घुसकर मारपीट, तोड़फोड़ करने और नकदी ले जाने के मामले में 7 साल से कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। बाड़ी एसीजेएम-2 कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सभी पुलिसकर्मी 7 सालों तक धौलपुर जिले में ही पदस्थापित रहने के बाद भी कोर्ट में पेश नहीं हुए। साथ ही कोर्ट की ओर से जारी जमानती वारंट और गिरफ्तारी वारंट को गंभीरता से न लेकर कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की है। 4 नवंबर 2015 को घर में घुसकर की थी मारपीट
शिकायतकर्ता एडवोकेट होतम सिंह खटाना ने बताया- 4 नवंबर 2015 को मैं और मेरा परिवार गांव जमालपुर में घर पर था। इस दौरान 2 गाड़ियों में कोबरा टीम और डीएसटी के साथ कंचनपुर थाना पुलिस गांव पहुंची। इस दौरान कंचनपुर के तत्कालीन SHO हरी सिंह मीणा भी साथ थे। शिकायतकर्ता ने बताया- पुलिसकर्मियों ने मेरे भाई और ताई के साथ गाली-गलौज की और धक्का-मुक्की की। इसके साथ ही घर में रखा सामान तोड़कर लूटपाट की। मौके पर मौजूद SHO हरी सिंह मीणा ने उनको रोका और वापस भेज दिया। मामले को लेकर कंचनपुर के तत्कालीन SHO हरी सिंह मीणा से शिकायत की और थाने में भी रिपोर्ट दी। धौलपुर जिले में कोबरा टीम एसपी के निर्देश पर काम करती है। ऐसे में थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं हुई। इस पर मैंने बाड़ी एसीजेएम-2 में परिवाद दायर दिया गया। वारंट जारी करने के बाद भी कोर्ट में नहीं हुए पेश
बाड़ी एसीजेएम-2 कोर्ट ने मामले में 6 दिसंबर 2018 को संज्ञान लेते हुए विनोद शर्मा (ASI, प्रभारी पीसीआर धौलपुर), राकेश कुमार मीणा (ASI थाना दिहोली), प्रद्युम्न सिंह (ASI चौकी जसुपुरा), हरिओम मीना (ASI पुलिस लाइन), विनोद कुमार (हेड कॉन्स्टेबल थाना सरमथुरा), जितेंद्र मीणा (हेड कॉन्स्टेबल पुलिस लाइन), रामनाथ (कॉन्स्टेबल, एडीएफ ASP ऑफिस बाड़ी) और राजपाल (कॉन्स्टेबल कोबरा टीम) के खिलाफ वारंट जारी किए, लेकिन पिछले 7 साल से कोई भी पुलिसकर्मी कोर्ट में पेश नहीं हुआ। अब भगोड़ा घोषित कर स्थायी वारंट किए जारी
मामले में 21 मई को बाड़ी एसीजेएम-2 कोर्ट की मजिस्ट्रेट चित्राक्षी सिंह ने आदेश जारी करते हुए सभी 8 पुलिसकर्मियों को भगोड़ा घोषित किया और उनके खिलाफ स्थायी वांरट जारी किए हैं। कोर्ट ने कहा- आरोपी पिछले 7 साल से कोर्ट में पेश नहीं हुए और न्यायिक प्रक्रिया से बचते रहे। इसके साथ ही मामले की जानकारी होने के बाद भी राजकार्य में व्यस्त होने और कथित राजीनामा जैसे भ्रामक तथ्यों का आधार लेकर कोर्ट में पेश होने और गिरफ्तारी से बचते रहे। कोर्ट ने सभी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के साथ स्थायी वांरट जारी करने के आदेश जारी किए हैं। डीजीपी और भरतपुर रेंज आईजी को विभागीय कार्रवाई के लिए निर्देशित किया है। …. ये खबर भी पढ़ें राजस्थान में 31 जुलाई तक कराने होंगे पंचायत-निकाय चुनाव:हाईकोर्ट ने दिया आदेश, सरकार ने दिसंबर तक मांगा था समय चपरासी भर्ती में जीरो नंबर वालों को नहीं मिलेगी नौकरी:हाईकोर्ट ने रद्द की अलग-अलग कैटेगरी की कटऑफ, 21 लाख कैंडिडेट ने दी थी परीक्षा