दौसा कलेक्ट्रेट में जिला अस्पताल के पीएमओ पर लापरवाही और भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए बांदीकुई विधायक भागचंद टांकड़ा भड़क गए। विधायक ने कहा- यह तीसरी बार है जब पीएमओ दिशा की बैठक में नहीं आए। दौसा अस्पताल पीएमओ की बपौती (प्रोपर्टी) थोड़े ही है। इसका इलाज तो मैं करवाउंगा। ओपीडी में बैठते ही नहीं हैं। नौकरशाह होकर नेतागिरी करता फिरता है। उन्हें गलतफहमी है, चश्मा लगा रखा है। नर्सिंग स्टाफ को रुपए लेकर लगाता है। 10-15 साल से काम करने वाले कर्मियों को हटा दिया। इसी दौरान एक सदस्य ने कहा- अस्पताल में नेताओं के साथ पीएमओ के फोटो लगे हैं। इस पर विधायक ने कहा- उन पर फूल चढ़ा दो। मैंने अच्छे-अच्छों के फूल उतार दिए और चढ़ा भी दिए। अगर इनकी नेतागिरी खत्म नहीं होती है तो इनके लिए फूल नहीं, गुलदस्ता तैयार रखो। सरकार को चिट्ठी लिखकर कार्रवाई की जानी चाहिए। इसके बाद दौसा सांसद मुरारीलाल मीणा ने कलेक्टर डॉ. सौम्या झा से पीएमओ के खिलाफ कार्रवाई के लिए सरकार को पत्र लिखने को कहा। अब पढ़िए, पूरा घटनाक्रम… 1. पीएमओ की अनुपस्थिति पर बैठक में उठा विवाद जिला कलेक्ट्रेट में दिशा की बैठक के दौरान जिला अस्पताल में अव्यवस्थाओं की शिकायत पर सांसद ने पीएमओ से जवाब मांगा। इस पर बतौर प्रतिनिधि बैठक में शामिल डॉ. जमशेद खान जवाब देने लगे। इसी बीच बांदीकुई विधायक भागचंद टांकड़ा ने पूछा कि पीएमओ डॉ. आरके मीणा बैठक में क्यों नहीं आए, तो डॉ. खान ने ओपीडी में ज्यादा मरीज होने की बात कही। विधायक ने कहा – यह तीसरी बार है जब पीएमओ दिशा की बैठक में अनुपस्थित रहे। इसके बाद दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा और अन्य सदस्यों ने भी पीएमओ की कार्यशैली पर सवाल उठाए। 2. अन्य सदस्यों ने भी उठाई अनियमितताओं की शिकायतें दिशा समिति के सदस्य घनश्याम शर्मा ने कहा – सिलिकोसिस पीड़ितों को कार्ड बनवाने के लिए 30 हजार रुपए देने पड़े, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। वास्तविक मरीज भटक रहे हैं। वहीं मक्खन गुर्जर ने आरोप लगाया कि ब्लड बैंक में रक्तदान के बावजूद मरीजों को ब्लड नहीं मिलता और शिकायत करने पर पुलिस में रिपोर्ट की धमकी दी जाती है। 3. विकास कार्यों और विभागीय मुद्दों पर भी हुई चर्चा बांदीकुई विधायक ने ईसरदा पाइप लाइन में मनमानी और चहेतों को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया। साथ ही सबड़ावली और गादरवाड़ा ब्राह्मणान में गड़बड़ी पर अधिकारियों को घेरा गया। दौसा विधायक ने ग्रामीण रास्तों की सफाई, अस्पताल सुधार और पेयजल व्यवस्था की मांग रखी। सांसद ने कृषि विभाग पर टिप्पणी करते हुए कहा – मंत्री अपने जिले के हैं, वहां सब ठीक होगा, चर्चा की क्या जरूरत है। बैठक में कई अन्य विकास मुद्दों पर भी चर्चा हुई, जिसमें वन भूमि के कारण अटके मोरोली से पपलाज माता रोड निर्माण का मुद्दा भी शामिल रहेगा।