झालावाड़ जिले में सरकारी भवनों पर स्थापित रूफटॉप सोलर प्लांट ऊर्जा संरक्षण के क्षेत्र में उपयोगी साबित रहे हैं। इनसे पिछले 4 महीनों में करीब 3 लाख यूनिट बिजली की बचत हुई है। जिससे संबंधित विभागों को करीब 23.50 लाख रुपए की राहत मिली है। अधीक्षण अभियंता विशम्भर सहाय ने बताया कि एक विशेष उपलब्धि के तौर पर जिले के 5 सरकारी भवनों का विद्युत बिल शून्य दर्ज किया गया, जबकि 3 भवनों का उपभोग 100 यूनिट से भी कम रहा। 30 सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए गए
अधीक्षण अभियंता ने बताया कि जिले में अब तक 30 सरकारी भवनों पर रूफटॉप सोलर प्लांट लगाए गए हैं। पिछले 2 से 4 महीने के विश्लेषण में सामने आया है कि कुल 7 लाख 27 हजार 67 यूनिट बिजली उपभोग के मुकाबले केवल 4 लाख 35 हजार 521 यूनिट का ही बिल प्राप्त हुआ। इस प्रकार कुल विद्युत उपभोग का लगभग 40.10 प्रतिशत हिस्सा सौर ऊर्जा के माध्यम से बचाया गया। इससे संबंधित विभागों को लगभग 23.50 लाख रुपए की विद्युत व्यय में राहत मिली है। रूफटॉप सोलर योजना से मिनी सचिवालय झालावाड़, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, मेडिकल कॉलेज और जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग जैसे प्रमुख सरकारी संस्थानों को लाभ मिला है। मिनी सचिवालय भवन का प्रदर्शन विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, जहां 86 हजार 4 यूनिट वास्तविक उपभोग के मुकाबले केवल 44 हजार 100 यूनिट का बिल आया, जिससे लगभग 49 प्रतिशत ऊर्जा बचत दर्ज की गई।
