सलूम्बर जिले सहित पूरे क्षेत्र में जिला केमिस्ट अलायंस के आह्वान पर निजी मेडिकल स्टोर बंद रहे। जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। सुबह से ही लोग जिला अस्पताल, निजी क्लीनिक और खुले मेडिकल स्टोर की तलाश में भटकते नजर आए। देशव्यापी हड़ताल के कारण सलूम्बर शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक अधिकांश निजी दवा दुकानें बंद रहीं। डिस्ट्रिक्ट केमिस्ट अलायंस के अध्यक्ष सुशील मिण्डा ने बताया कि यह आंदोलन स्थानीय नहीं, बल्कि राष्ट्रीय स्तर का है। राजस्थान केमिस्ट्स अलायंस तथा ऑल इंडिया ऑर्गेनाइजेशन ऑफ केमिस्ट्स एंड ड्रगिस्ट्स के संयुक्त आह्वान पर आयोजित इस बंद में देशभर के करीब 12 लाख 40 हजार से अधिक केमिस्ट्स शामिल हुए। संगठन ने केंद्र और राज्य सरकार की कुछ नीतियों के विरोध में एक दिवसीय हड़ताल रखी। सरकारी अस्पताल के दवा काउंटर, जन औषधी केंद्र खुले रहे निजी मेडिकल स्टोर बंद रहने के बावजूद सरकारी व्यवस्थाएं मरीजों के लिए राहत का स्रोत बनीं। जिला अस्पताल और अन्य राजकीय चिकित्सालयों में संचालित निशुल्क दवा काउंटर तथा प्रधानमंत्री भारतीय जनऔषधि केंद्र पूरे दिन खुले रहे। बड़ी संख्या में मरीजों ने यहां पहुंचकर जरूरी दवाएं प्राप्त कीं। हालांकि, अचानक बढ़ी भीड़ के कारण कई जगह लंबी कतारें लग गईं और कर्मचारियों को व्यवस्था संभालने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। ऑनलाइन फार्मेसी से स्थानीय दवा व्यापार प्रभावित केमिस्ट संगठनों का कहना है कि ऑनलाइन फार्मेसी के तेजी से बढ़ते कारोबार से स्थानीय दवा व्यापार प्रभावित हो रहा है। संगठन ने ऑनलाइन दवा बिक्री पर नियंत्रण, बिना चिकित्सकीय पर्चे के दवाओं की आपूर्ति पर रोक और छोटे व्यापारियों के हितों की सुरक्षा जैसी मांगों को लेकर विरोध दर्ज कराया। केमिस्टों का तर्क है कि अनियंत्रित ऑनलाइन बिक्री से गलत दवाओं की आपूर्ति और मरीजों के स्वास्थ्य पर खतरा बढ़ सकता है।
