जोधपुर के कुड़ी भगतासनी पुलिस थाने में युवतियों को अवैध रूप से हिरासत में रखने सहित फर्जी दस्तावेज बनाने और सबूत मिटाने के गंभीर मामले में सीबीआई ने मामला दर्ज किया है। राजस्थान हाईकोर्ट के आदेश के बाद सीबीआई जोधपुर ने कुड़ी भगतासनी के तत्कालीन थानाधिकारी और एक महिला उप-निरीक्षक सहित अन्य पुलिसकर्मियों की भूमिका की जांच के लिए धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। राजस्थान हाईकोर्ट में दायर याचिका की सुनवाई के दौरान कुड़ी भगतासनी पुलिस की गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं। सीबीआई की एफआईआर में दर्ज हाईकोर्ट की टिप्पणियों के अनुसार- पुलिस अधिकारियों ने महिलाओं की गिरफ्तारी से जुड़े वैधानिक नियमों का खुला उल्लंघन किया। बिना किसी पूर्व शिकायत या एफआईआर के युवतियों को रातभर थाने में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया। कोर्ट ने जब पुलिस थाने के रोजनामचा की जांच की तो उसमें भारी विसंगतियां मिली थीं। खुद को बचाने के लिए पुलिस पर झूठे दस्तावेज तैयार करने और थाने के सीसीटीवी फुटेज जानबूझकर डिलीट करने के गंभीर आरोप भी सामने आए। इसके बाद 8 मई को हाईकोर्ट ने स्थानीय पुलिस की जांच पर अविश्वास जताते हुए कुड़ी भगतासनी थाने की एफआईआर की जांच सीबीआई को ट्रांसफर कर दी थी। फर्जी कॉल सेंटर के नाम पर की गई थी छापेमारी पुलिस ने 15 जनवरी 2025 को एक कार्रवाई की थी। कुड़ी भगतासनी पुलिस की उप-निरीक्षक शिमला की रिपोर्ट पर सेक्टर-9 स्थित एक मकान में ‘पावर ब्रेक डाउन सर्विस इंडिया’ और ‘सॉल्यूशन ब्रेकडाउन सर्विस टू इंडिया’ के नाम से चल रहे कथित फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारा गया था। पुलिस का दावा था कि वहां सुमेरचंद उर्फ सौरभ कंडारा और जगदीश चौधरी सहित 12 लोग (जिनमें 10 युवतियां शामिल थीं) कॉल सेंटर के जरिए वाहन सर्विस के नाम पर लोगों से धोखाधड़ी कर रहे थे। पुलिस ने मामले में 16 जनवरी 2025 को दोपहर 3:37 बजे एफआईआर दर्ज की थी। युवतियों ने हाईकोर्ट में सीसीटीवी फुटेज के साथ यह आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें एक दिन पहले यानी 15 जनवरी की शाम को ही घरों से उठा लिया था। वहीं रातभर थाने में बंधक बनाए रखा। सीबीआई करेगी पुलिस अधिकारियों की भूमिका की जांच हाईकोर्ट के आदेश की पालना में सीबीआई ने अब मामले को अपने हाथ में ले लिया। सीबीआई ने कुड़ी भगतासनी थाने में दर्ज मूल मुकदमे को टेकओवर करते हुए छल, धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश और आईटी एक्ट की धाराओं के तहत नया मामला दर्ज किया है। इस मामले की विस्तृत जांच सीबीआई के पुलिस उपाधीक्षक हरीश सिंह को सौंपी गई है। अब वे जांचेंगे कि पुलिस अधिकारियों ने किस मंशा से युवतियों को अवैध हिरासत में रखा। वहीं सबूतों के साथ किस स्तर पर छेड़छाड़ की गई।