बूंदी के डाबेटा गांव में मंगलवार सुबह भालू के हमले से एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे बूंदी जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी तीन घंटे की सर्जरी की गई। प्लास्टिक सर्जन डॉ. आशीष व्यास ने बताया कि हरलाल गुर्जर को गंभीर घायल अवस्था में अस्पताल लाया गया था। उसके चेहरे पर गंभीर चोटें थीं, गाल की हड्डी टूट गई थी और आंख पर भी गहरे घाव थे। लगभग ढाई सौ टांके लगाकर उसकी सर्जरी की गई और अत्यधिक रक्तस्राव के कारण उसे दो यूनिट रक्त भी चढ़ाया गया। डॉक्टरों के अनुसार सर्जरी के बाद हरलाल की हालत स्थिर है और वह खतरे से बाहर है। हालांकि, अभी उसकी स्थिति पर पूरी तरह से कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। ग्रामीणों ने बताया कि डाबेटा निवासी हरलाल गुर्जर (60) पुत्र रघुनाथ गुर्जर सुबह करीब 5 बजे वन विभाग की दीवार के पास स्थित अपने बाड़े में सो रहा था। तभी अचानक भालू ने उस पर हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। ग्रामीणों ने इस घटना के लिए वन विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। उनका आरोप है कि वन विभाग की दीवार टूटी होने के कारण भालू गांव में घुस आया। ग्रामीणों ने बताया कि उन्होंने विभाग के अधिकारियों को कई बार टूटी हुई दीवार की मरम्मत के लिए अवगत कराया था, लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि वन विभाग ने समय रहते दीवार का निर्माण कार्य पूरा करवा दिया होता, तो यह घटना नहीं होती और बुजुर्ग हरलाल भालू के हमले से बच जाते।
