पठानकोट के सुजानपुर स्थित ठंडी खुई इलाके में एक गुर्जर परिवार के डेरे में अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी भयानक थीं कि देखते ही देखते पूरे घर में रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। हालांकि, आग लगी देख लोगों ने डेरे के अंदर खेल रहे बच्चों को समय रहते बाहर निकाल लिया। पीड़ित परिवार का इस हादसे में भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। लोगों ने बताया कि सूचना देने के 45 मिनट बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी मौके पर पहुंची। लेकिन, तब तक डेरे के अंदर और बाहर पड़ा सारा सामान जलकर राख हो गया। घटना के बाद से ही परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। घर में खेल रहे थे 3 बच्चे, लोगों ने बचाया
पीड़ित कालू गुज्जर की बेटी मीणा ने बताया कि जब आग लगी तो घर के सभी बड़े किसी न किसी काम से बाहर थे। डेरे में केवल 3 बच्चे थे। आग का धुआं लोगों ने निकलता देखा तो बच्चों को डेरे से बाहर निकाला। इसके साथ ही लोगों ने फायर ब्रिगेड को सूचना दी और आग पर काबू पाने का प्रयास किया। आग लगने का कारण पता नहीं चला
मीणा ने बताया कि उन्हें आग लगने के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। उन्हें शक है कि या तो आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी है या फिर खेतों में नाड़ को लगाई गई आग से यह हादसा हुआ है। हादसे के वक्त स्थानीय लोगों ने हौसला दिखाते हुए तुरंत मौके पर दौड़ लगाई और जैसे-तैसे घर के अंदर से कुछ जरूरी सामान बाहर निकालने की कोशिश की, जिससे जानमाल का और बड़ा नुकसान होने से बच गया। घर का सामान,अनाज भी जला, दो ट्रालियां आई चपेट में
मीणा के मुताबिक आग इतनी तेजी से फैली कि पीड़ित परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला। घर के आंगन में खड़ी दो ट्रालियां भी इस भीषण आग की चपेट में आ गईं और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। इसके अलावा घर के अंदर रखा सारा कीमती सामान, कपड़े, गहने, बिस्तर और साल भर के लिए स्टोर करके रखे गए खाने वाले गेहूं के दाने भी जलकर पूरी तरह राख हो गए। 45 मिनट बाद पहुंची दमकल विभाग की गाड़ी
पीड़ित परिवार और स्थानीय लोगों ने प्रशासन और फायर ब्रिगेड की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। पीड़ित परिवार का आरोप है कि आग लगते ही उन्होंने तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया था, लेकिन करीब 45 मिनट तक लगातार फोन करने के बावजूद भी फायर ब्रिगेड की कोई गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची। गाड़ी समय पर न पहुंचने के कारण आग पर काबू नहीं पाया जा सका, जिसके चलते उनका कोई भी सामान सुरक्षित नहीं बच पाया। प्रशासन से मुआवजे की गुहार
सब कुछ गंवा चुके कालू गुज्जर सहित परिवार ने स्थानीय प्रशासन और सरकार से इस संकट की घड़ी में आर्थिक मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने मांग की है कि मौके का जायजा लेकर उनके हुए भारी नुकसान का उचित आकलन किया जाए और उन्हें जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए ताकि वे दोबारा अपने रहने का प्रबंध कर सकें।
