पठानकोट जिला प्रशासन ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सैन्य संपत्तियों की हिफाजत के मद्देनजर एक बड़ा कदम उठाया है। प्रशासन ने 2 एमुनिशन सब डिपो (18 एफएडी) के आसपास 1000 गज के दायरे में पटाखे चलाने, फसलों के अवशेष को आग लगाने और किसी भी प्रकार के निर्माण कार्यों पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। यह आदेश जिला मजिस्ट्रेट पठानकोट डॉ. पल्लवी द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए जारी किए गए हैं। जारी आधिकारिक आदेशों के अनुसार, जिला पठानकोट के अंतर्गत आते गांव लमीनी, सिऊंटी, मनवाल और मामून में स्थित 2 एमुनिशन सब डिपो के बाहरी घेरे (पेरीमीटर वॉल) से 1000 गज तक के क्षेत्र में अब कोई भी नई इमारत, दीवार या अन्य पक्का निर्माण कार्य नहीं किया जा सकेगा। इसके साथ ही इस प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर लकड़ी, ईंटें, रेत, बजरी, कोयला या अन्य ज्वलनशील सामग्री का भंडारण (इकट्ठा करने) करने पर भी पूरी तरह रोक लगा दी गई है। मैरिज पैलेसों में पटाखे फोड़ने और किसानों द्वारा आग लगाने पर चिंता प्रशासन द्वारा जारी आदेश में इस बात का विशेष तौर पर उल्लेख किया गया है कि इस इलाके में स्थित कुछ मैरिज पैलेसों/रिसोर्ट्स में शादियों और अन्य समारोहों के दौरान आतिशबाजी की जाती है। इसके साथ ही गेहूं की कटाई के बाद कुछ किसानों द्वारा खेतों में बची नाड़ और अवशेषों को आग लगा दी जाती है। सेना के गोला-बारूद डिपो के नजदीक होने के कारण ऐसी गतिविधियां किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती हैं, जिससे सैन्य संपत्ति के साथ-साथ आसपास रहने वाले आम लोगों की जान-माल की सुरक्षा को भी गंभीर खतरा पैदा हो सकता है। 20 मई से 19 जुलाई तक लागू रहेंगे आदेश जिला मजिस्ट्रेट डॉ. पल्लवी ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा के मद्देनजर लगाए गए ये प्रतिबंध 20 मई से लेकर 19 जुलाई तक (दो महीने के लिए) पूरे क्षेत्र में सख्ती से लागू रहेंगे। यदि कोई भी व्यक्ति इन आदेशों की अवहेलना करता या नियमों को तोड़ता पाया गया, तो उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त दंडात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। स्थानीय पुलिस और संबंधित अधिकारियों को इन आदेशों का कड़ाई से पालन करवाने के निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
