सिरोही जिले में उपभोक्ता मामले विभाग ने पेट्रोल पंपों पर औचक निरीक्षण अभियान चलाया है। इस दौरान पेट्रोल और डीजल की कम आपूर्ति की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 6 पेट्रोल पंपों के नोजल सील किए गए। विधिक माप विज्ञान अधिकारी हनु इंद्र सिंह और एलएमओ राहुल दुबे ने ने बताया- विभागीय जांच दल ने 15 और 16 मई को सिरोही जिले में कुल 18 पेट्रोल पंपों का निरीक्षण किया। यह कार्रवाई उपभोक्ताओं के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से की गई, क्योंकि विभाग को लगातार कम ईंधन आपूर्ति की शिकायतें मिल रही थीं। निरीक्षण के दौरान 15 मई को श्रीदेवनगरी पेट्रोलियम सर्विस रिटेल आउटलेट पर अनियमितताएं पाई गईं। यहां विभिन्न नोजलों से प्रति 5 लीटर आपूर्ति पर 40 मिलीलीटर तक कम पेट्रोल/डीजल बेचा जा रहा था। इस आधार पर प्रतिदिन लगभग 20 लीटर डीजल की कम आपूर्ति हो रही थी, जो मासिक स्तर पर लगभग 600 लीटर तक पहुंच जाती है। इसकी अनुमानित कीमत 58,200 रुपए है। इसी तरह पार्वती दरिया फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप पर भी प्रति 5 लीटर आपूर्ति में लगभग 40 मिलीलीटर की कमी दर्ज की गई। इस पंप पर प्रतिदिन लगभग 2000 लीटर ईंधन की बिक्री होती है, जिसके अनुसार करीब 16 लीटर प्रतिदिन और लगभग 480 लीटर मासिक कम आपूर्ति पाई गई। इसकी कीमत लगभग 46,500 रुपए आंकी गई है। इसके अतिरिक्त रमापीर फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पंप पर एक नोजल से प्रति 5 लीटर आपूर्ति पर लगभग 40 मिलीलीटर पेट्रोल कम दिया जा रहा था। इस पंप पर प्रतिदिन लगभग 1500 लीटर पेट्रोल/डीजल की खपत के आधार पर प्रतिदिन लगभग 12 लीटर और मासिक स्तर पर लगभग 360 लीटर ईंधन की कमी पाई गई, जिसकी कीमत 34,920 रुपए है। 16 मई 2026 को भगवती फिलिंग स्टेशन रिटेल आउटलेट पर भी ऐसी ही अनियमितता सामने आई। यहां विभिन्न नोजलों के माध्यम से प्रति 5 लीटर आपूर्ति पर 40 मिलीलीटर तक कम पेट्रोल/डीजल बेचा जा रहा था। इसके चलते प्रतिदिन लगभग 8 लीटर डीजल की कम आपूर्ति हो रही थी, जो मासिक स्तर पर लगभग 240 लीटर तक पहुंचती है। इसकी अनुमानित कीमत 23,280 रुपए है। इसी प्रकार पवन फिलिंग स्टेशन पेट्रोल पम्प पर प्रति 5 लीटर आपूर्ति में लगभग 40 मिलीलीटर की कमी पाई गई। यहां प्रतिदिन लगभग 1500 लीटर ईंधन की बिक्री के आधार पर करीब 12 लीटर प्रतिदिन और लगभग 360 लीटर मासिक कम आपूर्ति दर्ज की गई, जिसकी कीमत लगभग 34,920 रुपए आंकी गई है। इसके अतिरिक्त सुरेन्द्र जिनेन्द्र ट्रेडर्स पेट्रोल पम्प पर एक नोजल से प्रति 5 लीटर आपूर्ति पर लगभग 40 मिलीलीटर पेट्रोल कम दिया जा रहा था। इस पम्प पर प्रतिदिन लगभग 1500 लीटर पेट्रोल/डीजल की खपत के अनुसार प्रतिदिन लगभग 10 लीटर तथा मासिक स्तर पर लगभग 300 लीटर ईंधन की कमी पाई गई जिसकी कीमत 29,100 है।
औचक निरीक्षण के दौरान उक्त पम्प पर विधिक माप विज्ञान अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के उल्लंघन पाए जाने पर सुधार हेतु नोटिस जारी किया गया। विभागीय कार्रवाई के तहत कुल 11,000 रुपए का जुर्माना भी वसूला गया।
आगामी दिनों में सम्पूर्ण राजस्थान में पेट्रोल पम्पों की नियमित जांच जारी रहेगी और दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के विरूद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करना और आमजन को सही माप-तौल के साथ गुणवत्तापूर्ण सेवाएं सुनिश्चित कराना है।
