राजसमंद में भाना पंचायत के बागडोला गांव में पेयजल संकट को लेकर शुक्रवार को ग्रामीण महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा। हाथों में खाली मटकियां लेकर महिलाएं दोपहर की तेज धूप में कलेक्ट्रेट पहुंचीं और नारेबाजी करते हुए मटकियां फोड़कर विरोध प्रदर्शन किया। महिलाओं के प्रदर्शन और शोरगुल को सुनकर कलेक्टर अरुण कुमार हंसीजा भी कार्यालय परिसर से बाहर आए और ग्रामीणों की समस्या सुनीं। महिलाएं बोलीं-निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे ग्रामीण महिलाओं ने कलेक्टर को बताया कि गांव में बनी दो पानी की टंकियां पिछले करीब एक वर्ष से सूखी पड़ी हैं, जिससे नियमित जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। गांव में केवल दो हैंडपंप ही पानी का सहारा बने हुए हैं, जिन पर हर समय लंबी कतारें लगी रहती हैं। मजबूरी में ग्रामीणों को 400 से 500 रुपए खर्च कर निजी टैंकर मंगवाने पड़ रहे हैं, जिससे आर्थिक बोझ लगातार बढ़ रहा है। महिलाओं ने बताया कि उनका गांव ऐतिहासिक राजसमंद झील के किनारे बसा हुआ है, जबकि इसी झील से आसपास के करीब 30 किलोमीटर क्षेत्र में पानी सप्लाई किया जाता है। इसके बावजूद झील के सबसे नजदीक बसे गांव में ही पेयजल संकट बना हुआ है। कलेक्टर ने अधिकारियों को दिए निर्देश कलेक्टर अरुण कुमार हंसीजा ने जलदाय विभाग के अधिकारियों से तुरंत बातचीत कर 24 घंटे में समस्या के समाधान के निर्देश दिए। कलेक्टर के आश्वासन के बाद ग्रामीण महिलाओं ने उनका आभार जताया।