राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि अमेरिका में मानवीय मूल्य और नैतिकता सीखने के लिए लोग धर्मगुरूओं की शरण में आ रहे हैं। जबकि हमारे देश में नैतिकता सिखाते सिखाते परेशान हो गए। अगर इंसान में नैतिकता होती तो आज नीट का पेपर आउट नहीं होता। बुधवार को कोटा में कृषि विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए राज्य्पाल ने कहा महात्मा गांधी ने बोला था। हम राम राज्य बनाएंगे। रामराज्य का मतलब क्या है? नैतिकता और न्याय। जिस राज्य में नैतिकता व न्याय होता है। वहां रामराज्य होता है। नैतिकता नहीं तो कुछ भी नहीं। अभी नैतिकता रहती तो नीट का पेपर लीक नहीं होता। राज्यपाल ने कृषि विभाग एवं विश्वविद्यालयों को सलाह देते हुए अपने विभाग में खाली पडी जमीन पर खेती करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि हमारे कृषि स्नातकों को यह भूमि खेती करने के लिए दी जा सकती है। बदले में किराया वसूल किया जा सकता है। साथ ही कहा कि ग्रीन गोल्ड मिशन के तहत चंदन एवं बॉस की खेती को भी बढ़ावा दिया जाए। उन्होंने कहा कि ड्रग आग की तरह फैल रहा है और यह नशा बाहर(पाकिस्तान) से आ रहा है। जिससे हमारे देश के युवा इसके आदि होते जा रहे हैं। ये हमारे राष्ट्र की एक गंभीर समस्या है। युवाओं को समझना होगा और ड्रग रूपी इस आग से अपने घरों व राष्ट्र को बचाना होगा। मंत्री डॉ. किरोडी लाल मीणा ने कहा कि राजस्थान एक कृषि प्रधान राज्य है। जहां लगभग 60 से 65 प्रतिशत जनसंख्या प्रत्येक और प्रत्यक्ष रूप से कृषि पर निर्भर है। आज हम कृषि के समग्र विकास की चर्चा करते हैं, तो यह स्पष्ट रूप से दिखाई देता है कि केवल पारंपरिक पद्धतियों से हम भविष्य की बढ़ती चुनौतियों का सामना नहीं कर सकते। जलवायु अनुकूल कृषि एक ऐसी प्रणाली है। जो उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ पर्यावरण संरक्षण और संसाधनों के कुशल उपयोग को भी सुनिश्चित करती है। इसके तहत हमें कई महत्वपूर्ण उपाय अपनाने होंगे पहला, फसल विविधीकरण को बढ़ावा देना होगा। दूसरा, जल प्रबंधन बहुत महत्वपूर्ण है। तीसरा, मृदा स्वास्थ्य सुधार पर विशेष ध्यान देना होगा। चौथा, जलवायु सहनशील उन्नत बीजों का उपयोग आवश्यक है। पाँचवां, डिजिटल और आधुनिक लकनीकों का उपयोग करना होगा। दीक्षांत समारोह में राज्यपाल एवं कुलाधिपति ने कृषि, उद्यानिकी एवं वानिकी संकायों में कुल 358 अभ्यर्थियों को उपाधियां प्रदान की। जिनमें से 209 छात्र व 149 छात्राएं शामिल हैं। वहीं कुल 14 स्वर्ण पदक, जिनमें से 3 स्वर्ण पदक स्नातक अभ्यर्थियों को और 6 स्वर्ण पदक स्नातकोत्तर अभ्यर्थियों को दिए गए। समारोह में अकादमिक वर्ष 2024-25 की स्नातक, स्नातकोत्तर एवं विद्यावाचस्पति परीक्षाओं में उत्तीर्ण अभ्यर्थियों को उपाधियां प्रदान की गई।
