प्रतापगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी और डाइट प्रधानाचार्य कमलेश कुमार तेतरवाल को ‘टोबैको फ्री इंडिया अवॉर्ड-2025’ से सम्मानित किया गया है। बुधवार को मुंबई में आयोजित समारोह में उन्हें यह प्रतिष्ठित सम्मान प्रदान किया गया। तंबाकू मुक्त भारत अभियान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नरोत्तम सेखसरिया फाउंडेशन की ओर से हर वर्ष यह पुरस्कार दिया जाता है। इस वर्ष देशभर में छह व्यक्तियों और चार संस्थाओं को इस सम्मान से नवाजा गया, जिनमें राजस्थान से चयनित होने वाले कमलेश तेतरवाल एकमात्र व्यक्ति रहे। समारोह में उन्हें 25 हजार रुपए का चेक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। मुंबई में हुआ सम्मान समारोह यह सम्मान समारोह यशवंतराव चौहान सेंटर में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने बताया कि सलाम मुंबई फाउंडेशन और नरोत्तम सेखसरिया फाउंडेशन देश के 13 राज्यों में तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम संचालित कर रहे हैं। दोनों संस्थाएं हर वर्ष उन व्यक्तियों और संगठनों को सम्मानित करती हैं, जिन्होंने स्कूलों, कॉलेजों और ग्रामीण क्षेत्रों में तंबाकू मुक्त एवं स्वस्थ वातावरण तैयार करने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। कार्यक्रम में तंबाकू मुक्त स्कूल अभियान को मजबूत बनाने पर भी जोर दिया गया। 5,500 से अधिक स्कूल हुए तंबाकू मुक्त घोषित कार्यक्रम में बताया गया कि वर्ष 2002 में स्थापित नरोत्तम सेखसरिया फाउंडेशन स्वास्थ्य, शिक्षा और आजीविका के क्षेत्रों में सामाजिक परिवर्तन के लिए कार्य कर रहा है। फाउंडेशन कैंसर उपचार, तंबाकू नियंत्रण और उपशामक देखभाल जैसे विषयों पर सक्रिय भूमिका निभा रहा है। वहीं, सलाम मुंबई फाउंडेशन वर्ष 2008 से शिक्षा एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से राष्ट्रीय स्तर पर ‘तंबाकू मुक्त और स्वस्थ स्कूल पहल’ चला रहा है। फाउंडेशन के अनुसार अब तक 39 गैर सरकारी संगठनों को अनुदान और 13 राज्यों के 60 व्यक्तियों को पुरस्कार दिए जा चुके हैं। इस पहल के माध्यम से देशभर में 5,500 से अधिक स्कूलों को तंबाकू मुक्त घोषित किया गया है, जबकि 15.62 लाख से अधिक ग्रामीणों को जागरूकता अभियानों के जरिए तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया गया। 20 वर्षों से युवाओं को कर रहे जागरूक कमलेश कुमार तेतरवाल पिछले करीब 20 वर्षों से धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से झुंझुनू, चूरू, सीकर और प्रतापगढ़ सहित प्रदेश के कई जिलों में शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों के बीच जागरूकता कार्यक्रम, शपथ अभियान, रैलियां और संवाद कार्यक्रम आयोजित किए। तेतरवाल हजारों युवाओं को तंबाकू से दूर रहने का संकल्प दिला चुके हैं। शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनके प्रयासों को सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। कमलेश तेतरवाल को मिले इस राष्ट्रीय सम्मान पर शिक्षा और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े कई अधिकारियों एवं शिक्षाविदों ने उन्हें बधाई दी। शुभकामनाएं देने वालों में आरुषि मलिक, रवि जैन, सिद्धार्थ सिहाग, नथमल डिडेल, दिनेश यादव, प्रदीप बोर्ड, एस.एस. सोहता, अंजलि राजोरिया, शुभम चौधरी, एस.एन. धौलपुरिया और राजन चौधरी शामिल रहे।
