सवाई माधोपुर की कृष्णमपुरम कॉलोनी स्थित त्रिनेत्र बालगृह में बच्चों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करने का मामला सामने आया है। सोमवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने बालगृह का औचक निरीक्षण किया, जिसमें कई गंभीर अनियमिताएं उजागर हुईं। निरीक्षण के दौरान रसोई घर में एक्सपायरी आटा रखा मिला, जिसका उपयोग बच्चों के लिए रोटियां बनाने में किया जा रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा अधिकारी वेदप्रकाश पूर्वियां को मौके पर बुलाया गया, जिनकी टीम ने एक्सपायरी आटे को तत्काल नष्ट करवाया। रसोई घर में रोटियां रखने वाला केसरोल(टिफिन) भी टूटा हुआ मिला, जिस पर फंगस जमी हुई थी। वहीं स्टाफ उपस्थिति रजिस्टर में नर्सिंग ऑफिसर ललित भारद्वाज के हस्ताक्षर दर्ज थे, लेकिन बच्चों ने बताया कि वे पिछले तीन-चार दिनों से बालगृह नहीं आए हैं। पूर्व निरीक्षण में मेडिकल ऑफिसर डॉ. मनोज गर्ग द्वारा बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण के निर्देश दिए गए थे, लेकिन अब तक बच्चों का मेडिकल चेकअप नहीं कराया गया। केवल हाइट और वजन नापकर औपचारिकता पूरी कर दी गई। साफ-सफाई नहीं मिली
वस्त्र वितरण में भी गड़बड़ी सामने आई। रजिस्टर में बच्चों को दो-दो सेट कपड़े, टॉवल और अन्य सामग्री वितरित करना दर्ज था, जबकि बच्चों ने बताया कि कई बच्चों को सामग्री मिली ही नहीं और जिन्हें मिली उन्हें केवल एक-एक सेट ही दिया गया। निरीक्षण में यह भी सामने आया कि बच्चों को डाइट चार्ट के अनुसार भोजन नहीं दिया जा रहा है। फल, मिठाई और विशेष आहार भी उपलब्ध नहीं कराया जा रहा। साबुन, शैम्पू और हेयर ऑयल जैसी जरूरी सामग्री भी सभी बच्चों को नहीं दी जा रही थी। बालगृह में साफ-सफाई की स्थिति भी बेहद खराब पाई गई। बाथरूम और टॉयलेट से तेज बदबू आ रही थी। विभागीय कार्रवाई करने के निर्देश जारी
इन सभी गंभीर अनियमितताओं पर सचिव समीक्षा गौतम ने संस्था सचिव हरीश उपाध्याय और स्टाफ को कड़ी फटकार लगाई। उन्होंने बच्चों को गुणवत्तापूर्ण भोजन, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही बालगृह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई।
