करौली पुलिस ने “ऑपरेशन एंटी वायरस 2.0” के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए एक अंतरराज्यीय साइबर ठग गिरोह के ठग को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह डॉक्टर अपॉइंटमेंट के नाम पर फर्जी मोबाइल नंबरों के जरिए लोगों को फंसाकर उनके मोबाइल में APK फाइल भेजकर बैंक खातों से रकम उड़ाता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने फर्जी फर्म और बैंक खाते खोलकर राजस्थान सहित 24 राज्यों में करोड़ों रुपए की साइबर ठगी को अंजाम दिया है। गिरफ्तार आरोपी के खाते पर राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर 520 शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस का अनुमान है कि 24 राज्यों में अरबों रुपए का फर्जीवाड़ा हो सकता है। इस मामले में एक आरोपी की पहले भी गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस अधीक्षक लोकेश सोनवाल के निर्देश पर साइबर थाना पुलिस ने भरतपुर जिले के धाधरेन निवासी भवानी सिंह मीना को गिरफ्तार किया। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर साइबर ठगी का एक बड़ा नेटवर्क तैयार किया था। करौली निवासी रामकेश जाटव इस गिरोह का शिकार हुए थे, जब उन्होंने इलाज के लिए डॉक्टर का अपॉइंटमेंट लेने हेतु गूगल से एक मोबाइल नंबर लिया था। साइबर अपराधियों ने गूगल पर फर्जी नंबर अपलोड कर रखा था। रामकेश जाटव के संपर्क करने पर आरोपियों ने पहले अपॉइंटमेंट के नाम पर पैसे जमा कराने और ओटीपी लेने का प्रयास किया। इसमें सफल नहीं होने पर उन्होंने “TOKEN BOOK APK” नाम की एक फाइल भेजकर रामकेश का मोबाइल फोन हैक कर लिया और उनके खाते से 3 लाख 16 हजार 230 रुपए निकाल लिए। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी भवानी सिंह मीना और उसके सहयोगियों ने चूरू जिले में किराए पर कमरा लेकर “एके फैशन एंड गारमेंट” नाम से एक फर्जी फर्म बनाई थी। इसी फर्म के नाम पर बैंक में चालू खाता खुलवाकर साइबर ठगी की रकम जमा की जाती थी। पुलिस के अनुसार केवल राजस्थान से ही इस खाते में करीब 9 करोड़ 18 लाख रुपए की संदिग्ध राशि के लेनदेन का पता चला है, जबकि अन्य राज्यों की राशि मिलाकर यह आंकड़ा 100 करोड़ रुपए से अधिक होने की आशंका है। राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल 1930 पर जांच के दौरान उक्त बैंक खाते पर 24 राज्यों से 520 शिकायतें दर्ज मिलीं। पुलिस का मानना है कि आरोपी संगठित गिरोह बनाकर देशभर में साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
इस मामले में इससे पहले सवाई माधोपुर जिले के वजीरपुर क्षेत्र निवासी विष्णु मीना उर्फ कल्ला को भी गिरफ्तार किया जा चुका है। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है और उनके अन्य साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी कैलाश चंद्र मीना के नेतृत्व में गठित टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
