बारां में दो महिलाएं सोमवार को शहर की पुरानी सिविल लाइन स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गईं। यह विरोध प्रदर्शन जानलेवा हमला और मारपीट के आरोपियों पर कार्रवाई नहीं होने के कारण किया गया। महिलाओं ने पुलिस पर आरोपियों को संरक्षण देने और शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाया। करीब तीन घंटे तक चले इस घटनाक्रम के बाद अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राजेश चौधरी के आश्वासन पर महिलाएं नीचे उतरीं। उन्होंने जल्द कार्रवाई और गिरफ्तारी का भरोसा दिया। मुंडला निवासी दुर्गाशंकर ने बताया कि गांव के धन्नालाल, कन्हैयालाल, गिरिराज और प्रमोद गुर्जर से उनकी पुरानी रंजिश है। आरोप है कि ये आरोपी अक्सर उनके परिवार के साथ मारपीट और जानलेवा हमले का प्रयास करते हैं। दुर्गाशंकर के अनुसार 7 मई को उनकी पत्नी शीला बाई के साथ घर के बाहर गाली-गलौज कर मारपीट की गई, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आई। यह घटना सीसीटीवी में कैद होने के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पीड़ित ने यह भी बताया कि सीसवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज कराकर लौटते समय रास्ते में उन पर फिर हमला किया गया और जान से मारने की धमकी दी गई। दूसरी महिला ने भी आरोप लगाया कि आरोपियों ने उसके साथ मारपीट और जातिसूचक अपमान किया। कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज होने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित परिवार ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर आरोपियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे धरना और अनशन करेंगे।
