उदयपुर में मदर्स डे के अवसर पर आयोजित कार्यक्रमों में मातृ शक्ति का सम्मान करते हुए मां को ईश्वर से भी ऊपर बताया गया। इस अवसर पर अलग-अलग जगहों पर हुए कार्यक्रम में महिलाओं का सम्मान किया गया। माता सीता, विदुषी गार्गी और रानी लक्ष्मीबाई के जीवन प्रसंगों के जरिए नारी शक्ति, त्याग और संस्कारों का संदेश दिया गया। आयोजन में वक्ताओं ने कहा कि मां ही परिवार, समाज और संस्कृति की सबसे बड़ी आधारशिला होती है। इस दौरान माताओं का सम्मान किया गया और उनके स्वास्थ्य को लेकर भी उनको जानकारियां देकर अवेयर किया गया। महाराणा प्रताप वरिष्ठ नागरिक संस्थान, उदयपुर ने इस खास दिन पर महिलाओं का सम्मान किया। अशोकनगर स्थित विज्ञान समिति में मातृ दिवस पर हुए कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डॉ. रेणु ख़मेसरा थी। मां संवेदना है, भावना है, एहसास है संस्थान महासचिव भंवर सेठ ने सभी माताओं का अभिनंदन करते हुए कवि ओम व्यास की पंक्तियों को याद किया, उन्होंने कहा कि मां संवेदना है, भावना है, एहसास है, मां जीवन के फूलों में खुशबू का वास है, मां पृथ्वी है, जगत है, धुरी है, मां बिना इस सृष्टि की कल्पना अधूरी है। पंक्तियों के साथ कहा कि मां वात्सल्य, धैर्य, त्याग और ममता की प्रतिमूर्ति समस्त माताओं का सम्मान करता हूं। व्यक्ति की प्रथम गुरू होती है मां भंवर सेठ ने कहा कि मां का दर्जा ईश्वर से भी ऊपर है। व्यक्ति की प्रथम गुरु मां होती है, उसके बाद पिता, गुरु और भगवान का स्थान आता है। उन्होंने इतिहास में दर्ज वीरांगना माताओं का उदाहरण देते हुए बताया कि माता सीता, गार्गी, रानी लक्ष्मीबाई जैसी कई पूजनीय माताओं ने न केवल समाज को उन्नत और संस्कारित बनाने में योगदान दिया, बल्कि राष्ट्र रक्षा व देश प्रेम के लिए भी अपनी गौरवमयी भूमिका का निर्वहन किया। नारायण सेवा संस्थान में भी कार्यक्रम नारायण सेवा संस्थान के बड़ी परिसर में रविवार को मदर्स डे संवेदनाओं, अपनत्व और ममता के भावों के साथ मनाया गया। देश के विभिन्न स्थानों से उपचार एवं सेवा के लिए आए दिव्यांग बच्चों और उनकी माताओं के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम ने भावनात्मक माहौल बना दिया। इस अवसर पर दिव्यांग बच्चों की माताओं का सम्मान किया गया और बच्चों के साथ आत्मीय संवाद कर उन्हें उपहार एवं स्मृति चिह्न भेंट किए गए। संस्थान निदेशक वंदना अग्रवाल ने कहा कि “माँ ईश्वर का वह स्वरूप है, जो हर परिस्थिति में अपने बच्चों का संबल बनकर उनके जीवन को संवारती है। महिलाओं का साड़ी ओढ़ाकर किया सम्मान कार्यक्रम के मध्य में संस्थान ने राजकीय वृद्धाश्रम बलीचा से आई सभी महिलाओं का साड़ी ओढ़ाकर सम्मान किया। सभागार में उपस्थित सभी महिला सदस्यों को उपर्णा ओढ़ाकर अभिवादन और शुभकामनाएं दी गई। इस दौरान संस्थान के करीब 350 सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीमति रजनी जोशी द्वारा ईश वंदना से किया गया। इस दौरान संस्थान के अध्यक्ष चौसर लाल कच्छारा, दिलखुश सेठ, मधु शर्मा एवं पुष्पा मेहता, सरस्वती माहेश्वरी, ऊषा, सुशीला पोरवाल, रेखा मोगरा, मीना मां पर कविता पाठ किया।