नमस्कार झुंझुनूं के नवलगढ़ में लोगों ने JEN मैडम को पानी की समस्या बताई तो वे आंखों से पानी बहाने लगीं। हनुमानगढ़ में किरोड़ी बाबा ने SBI की ब्रांच पर धावा बोल दिया। अलवर के गोविंदगढ़ में भीड़ ने पुलिस को ‘स्टंट’ दिखा दिया और राजसमंद के शिक्षा अधिकारी की बंगाल-फतेह से बांछें खिल गईं। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. रोने से घड़े नहीं भरते रोने से घड़े नहीं भरते। इसलिए JEN मैडम को रोते देखकर भी महिलाओं का दिल नहीं पसीजा। झुंझुनूं के नवलगढ़ में लोग पानी की किल्लत से परेशान हैं। बोले- कई महीने से पानी की समस्या है। विरोध-प्रदर्शन चलने लगा। गुस्साए लोगों ने सरकारी विभाग तक जाने वाला पानी बंद कर दिया। जेईएन अंतरा मीणा मौके पर पहुंचीं तो महिलाओं ने घेर लिया। खूब खरी-खोटी सुनाई। मैडम को रोना आ गया। वे कार में बैठकर रोनी लगीं। वहां भी महिलाएं पहुंच गईं और कटाक्ष करती रहीं। फोन करके मैडम किसी से कहने लगीं कि मुझ पर हाथ उठाया। इससे महिलाओं का गुस्सा बढ़ गया। एक महिला बोली- मैडम को धूप लग रही थी। इसलिए एसी कार में जाकर बैठ गईं। हम कई दिन से धूप में तपकर प्रदर्शन कर रहे हैं। हम इंसान नहीं हैं क्या? मैडम का रोना व्यर्थ गया। न जी हल्का हुआ और न जल संकट का हल निकला। 2. SBI की शाखा पर कृषि मंत्रीजी का छापा बाबा अंतर्यामी हैं। पहुंचे हुए हैं। कहीं कोई गबन कर रहा हो, मिलावट कर रहा हो, लॉकर में दस्तावेज छुपाकर बैठा हो, बाबा को पता चल जाता है। पुलिस बाद में पहुंचती है। पहले बाबा पहुंच जाते हैं। बाबा राजनीति में आने से पहले डॉक्टर थे। लेकिन उनकी टाइमिंग को देखकर लगता है कि सीबीआई में रहे होंगे। इस दफे बाबा हनुमानगढ़ पहुंच गए। वहां पल्लू में SBI की शाखा है। यह वह पल्लू नहीं है, जिसमें महिलाएं पूंजी को गांठ बांधकर रख लेती हैं। इस पल्लू में पूरे 9 करोड़ दबाने की तैयारी थी। बाबा ने पता लगाया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा क्लेम के लिए इसी ब्रांच में फर्जी खाते चल रहे थे। सब खाते किसानों के नाम पर थे, लेकिन किसान कोई नहीं था। किसान के नाम पर क्लेम उठाने, कर्जा लेने और सब्सिडी खाने की तैयारी थी। बैंक मैनेजर भोले बन गए। उनके पास न रिकॉर्ड, न दस्तावेज। स्कीम का ID पासवर्ड मांगा तो बोले कर्मचारियों ने मेरा आईडी-पासवर्ड चोरी करके गड़बड़ी की होगी। बाबा का पारा चढ़ा। बोले- इस तरह तो कोई पूरा बैंक साफ कर सकता है। बाबा ने कहा- पटवार रिपोर्ट में जब साफ है कि इन किसानों के नाम कोई जमीन ही नहीं है तो फिर बिना जमाबंदी फसल बीमा कैसे हो गया? इस पर मैनेजर साहब जमीन खुरचने लगे। 3. ‘स्टंटबाजों’ से पिट गई गोविंदगढ़ पुलिस पुलिस की महिमा भी अजब-गजब है। कभी यह खेत में दौड़ लगाकर तस्करों को दबोच लेती है। कभी थाने में घुसे वकील को चांटे मार देती है। पुलिस के साथ कभी खुशी-कभी गम वाला सीन बनता रहता है। अलवर के गोविंदगढ़ में तो अलग ही मामला हो गया। दिल्ली नंबर की बुलेट बाइक पर फड़फड़ाते युवक निकले। क्लच दबाकर रेस दी तो साइलेंसर में पटाखा फूटा। पुलिस का पारा चढ़ा। ऐसी बाइकों के खिलाफ अभियान चल ही रहा है। तो पुलिस ने बाइक जब्त कर ली। संबंधित समाज को ‘पटाखे फोड़ना’ कतई गैर-कानूनी नहीं लगा। ‘इतनी सी बात पर पुलिस ने बाइक पकड़ ली।’ बात फैल गई। थाने के बाहर भीड़ जुट गई। लोगों ने पथराव कर दिया। पुलिस की गाड़ी के शीशे फूट गए। थाना परिसर में ईंट-भाटों की बारिश हो गई। SHO साहब के मुंह पर आकर पत्थर पड़ा। टांके लगाने पड़े। स्टंटबाजों की भीड़ ने बिना बाइक भी ‘स्टंट’ दिखा दिया। इसके बाद पुलिस ने 4 लोगों को पकड़ कर अंदर कर दिया। उम्मीद है बाकी के स्टंट की भी हवा जल्द निकालेगी। 4. चलते-चलते… (नोट: कृपया झालगुड़ी को झालमुड़ी पढ़ा जाए।) यूं तो कार्यक्रम स्कूल की नई इमारत के लोकार्पण का था। लेकिन मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी यानी CDEO साहब किसी और बात से उत्साहित थे। वे बड़ी बेसब्री से मंच पर बुलाए जाने का इंतजार कर रहे थे। अति उत्साह में उनका रोम-रोम पुलकित हो रहा था। उनका इंतजार समाप्त हुआ। वे मंच पर थे। उन्होंने हर्ष और गौरव जैसे शब्दों से बात की शुरुआत की। बोले- बंगाल फतेह हम सबके लिए गौरव की बात है। हर्ष का विषय है। लोग चौंके। उन्हें लगा कि नई इमारत की खूबियां गिनाएंगे। लेकिन CDEO साहब का ध्यान बंगाल में बनी नई इबारत पर था। वे सीधे पार्टी पर आ गए। चहकते हुए कहा- आज भारतीय जनता पार्टी अति प्रसन्न है। यह चुटकुला चल रहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने अपना नाम भी बदल दिया है। लोग फिर चौंके। CDEO साहब ने खुलासा समझाया- अब बीजेपी का मतलब हो गया है- भारतीय झालगुड़ी पार्टी। भीड़ में लोगों के फुसफुसाने की आवाज आई- झालगुड़ी नहीं झालमुड़ी। लेकिन यह करेक्शन मंच तक नहीं पहुंच सका। इसके बाद उन्होंने जीत के नायक का जिक्र किया। बोले- भारत को यशस्वी लीडर मिला है, जो डिसीजन मेकर है। जिसका नेतृत्व सशक्त है। उन्हीं के कारण हिंदुस्तान का डंका विश्व में बज रहा है। उन्होंने बंगाल में 10 रुपए की झालगुड़ी ली। झालगुड़ी कमाल कर गई। दीदी का राज साफ हो गया। पूर्व में भाजपा का परचम लहरा गया। इसके बाद उन्होंने संस्कृति, सनातन और विरासत जैसे भारी-भरकम शब्दों का इस्तेमाल करते हुए बात मुकम्मल की। स्कूल की नई इमारत भी सोचती रह गई कि…हमसे का भूल हुई.. इनपुट सहयोग- दिनेश श्रोत्रिय (राजसमंद), दीपक भारद्वाज (हनुमानगढ़), अमित कुमार शर्मा (गोविंदगढ़, अलवर), राजकुमार शर्मा (नवलगढ़, झुंझुनूं)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।
