पंजाब पुलिस ने पशु क्रूरता और अवैध तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। एएसआई बलदेव सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सुजानपुर क्षेत्र में दबिश देकर एक बड़े पशु तस्करी के नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। जहां बेजुबान जानवरों को रावी दरिया किनारे गड्ढा खोदकर बुरी तरह जकड़ कर बांधा गया था। पुलिस के मुताबिक पशुओं को बेहद अमानवीय परिस्थितियों में रखा गया था। पुलिस ने आरोपी को काबू कर मामला दर्ज किया है। गुप्त सूचना पर पुलिस ने दी दबिश
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार एएसआई बलदेव सिंह अपनी टीम के साथ गांव अतेपुर में गश्त पर थे। इसी दौरान उन्हें पुख्ता सूचना मिली कि उनके इलाके में आवारा पशु बांधे गए हैं। सूचना थी कि याकूब पुत्र गुलाम रसूल, निवासी गांव मुद्दे, सुजानपुर विभिन्न स्थानों से भैंस, बछिया और भैंसे खरीदकर उन्हें अवैध रूप से बेचने का धंधा करता है।
क्रूरता की हदें पार: संकरी जगह में ठूंसे थे 110 पशु
जांच अधिकारी के मुताबिक आरोपी ने सुजानपुर के पास रावी दरिया के किनारे एक संकरी और तंग जगह पर करीब 110 भैंसों और अन्य पशुओं को बहुत ही बुरी तरह से ठूंस-ठूंस कर और क्रूरता से बांधकर रखा हुआ था। पुलिस के मुताबिक पशुओं को इतनी क्रूरता के साथ बांधा गया था कि उन्हें हिलने-डुलने और सांस लेने तक में भारी तकलीफ हो रही थी। रावी किनारे से चल रहा था पशुओं का अवैध व्यापार
जांच अधिकारी के मुताबिक आरोपी इन पशुओं को आगे ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में था। लेकिन, इससे पहले ही पुलिस को सूचना मिली और सभी पशुओं को सुरक्षित बचा लिया गया। अब उन सारे पशुओं को विभिन्न गौशालाओं में भेजा गया है।
पुलिस ने मामला दर्ज कर शुरू की जांच
पुलिस ने आरोपी याकूब के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि यदि समय पर छापेमारी न की जाती तो इन बेजुबान जानवरों की जान भी जा सकती थी। फिलहाल पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी और इस गिरोह के अन्य सदस्यों का पता लगाने के लिए जांच आगे बढ़ा रही है।
