आम आदमी पार्टी की चंडीगढ़ इकाई ने भाजपा शासित नगर निगम और प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि शहर को प्रदूषण संकट की ओर धकेला जा रहा है। पार्टी का आरोप है कि डंपिंग ग्राउंड के जहरीले कचरे को शहर के अलग-अलग इलाकों में जमीन के नीचे अवैध रूप से दबाया जा रहा है, जिससे भविष्य में भूजल और लोगों की सेहत पर बड़ा खतरा पैदा हो सकता है। पार्टी अध्यक्ष विजयपाल सिंह की अगुआई में एक प्रतिनिधिमंडल ने सेक्टर-19 स्थित पर्यावरण भवन में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) को ईमेल के जरिए ज्ञापन भेजा। साथ ही प्रदूषण नियंत्रण समिति के चेयरमैन और चंडीगढ़ के चीफ कंजर्वेटर ऑफ फॉरेस्ट्स को भी शिकायत सौंपकर मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदारों के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की मांग की। नगर निगम कमिश्नर को दिया ज्ञापन इसके बाद प्रतिनिधिमंडल ने सेक्टर-17 स्थित नगर निगम कार्यालय में नगर निगम कमिश्नर अमित कुमार और मेयर सौरभ जोशी को भी ज्ञापन की कॉपी सौंपी। प्रतिनिधिमंडल में जनरल सेक्रेटरी ओंकार सिंह औलख, ग्रामीण अध्यक्ष जगपाल, पूर्व मेयर कुलदीप, मुख्य प्रवक्ता योगेश धींगरा, स्टेट मीडिया इंचार्ज विक्रांत ए. तंवर और कोषाध्यक्ष जे.डी. घई शामिल रहे। सेक्टर-47 और 50 के जंगलों में गड्ढे खोदने का आरोप AAP नेताओं का आरोप है कि भाजपा शासन में कभी सिटी ब्यूटीफुल कहलाने वाला चंडीगढ़ अब कूड़े का कब्रिस्तान बनता जा रहा है। पार्टी के मुताबिक सेक्टर-47 और 50 के पास जंगल वाले इलाकों में 20 से 25 फीट गहरे गड्ढे खोदकर डंपिंग ग्राउंड का कचरा दबाया जा रहा है। पार्टी का दावा है कि निरीक्षण के दौरान वहां जला हुआ प्लास्टिक, सड़ता कचरा, बदबू और जमीन में दबा हुआ कचरा मिला। डड़्डू माजरा डंपिंग ग्राउंड प्रशासनिक विफलता AAP ने कहा कि दड़्डू माजरा डंपिंग ग्राउंड पहले ही प्रशासनिक विफलता और पर्यावरणीय संकट का प्रतीक बन चुका है, लेकिन समस्या का समाधान करने के बजाय अब जहरीले कचरे को पूरे शहर में फैलाया जा रहा है।