मंडी गोबिंदगढ़ स्थित निजी यूनिवर्सिटी (RIMT) के मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल से जुड़ा विवाद गहरा गया है। बीएससी नर्सिंग के छात्रों ने कॉलेज प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए जीटी रोड जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हुआ। छात्रों ने कॉलेज मैनेजमेंट पर धोखाधड़ी और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने के आरोप लगाए हैं। छात्र मोहम्मद इब्राहिम अंसारी और अन्य विद्यार्थियों ने बताया कि कॉलेज ने दावा किया था कि संस्थान इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) से प्रमाणित है। इसी आधार पर उनसे लाखों रुपए की फीस ली गई। हालांकि, कोर्स पूरा होने के बाद भी उन्हें न तो डिग्रियां मिल रही हैं और न ही सर्टिफिकेट जारी किए जा रहे हैं। प्रदर्शनकारी बोले- नहीं दी जा रही डिग्री प्रदर्शनकारी छात्रों के अनुसार, जब उन्होंने कॉलेज प्रबंधन से डिग्री और सर्टिफिकेट मांगे तो उन्हें बार-बार टाल दिया गया। छात्रों ने बताया कि मामला बढ़ने पर कॉलेज मैनेजमेंट उन्हें दिल्ली स्थित IMA दफ्तर ले गई, जहां उन्हें पता चला कि कॉलेज के खिलाफ मामले चल रहे हैं और यह संस्थान अब एसोसिएशन से मान्यता प्राप्त नहीं है। छात्रों ने आरोप लगाया कि कॉलेज की लापरवाही के कारण उनका कीमती समय और भविष्य दोनों दांव पर लग गए हैं। उन्होंने कॉलेज द्वारा वसूली गई फीस तुरंत वापस करने की मांग की है। बाहरी लोगों से मारपीट कराए जाने का आरोप छात्रों का कहना है कि प्रबंधन रिफंड देने को तैयार नहीं है, जिस कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कॉलेज प्रबंधन ने बाहरी लोगों को बुलाकर प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट करवाई। छात्रों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। जीटी रोड जाम होने के कारण पुलिस प्रशासन को मौके पर हस्तक्षेप करना पड़ा।यूनिवर्सिटी प्रबंधन और पुलिस की ओर से अभी तक कोई बयान सामने नहीं आया है। दोनों पक्षों ने मीडिया से दूरी बनाए रखी है।