बरनाला जिले में पराली जलाने के मामलों को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए 14 किसानों और जमीन मालिकों के खिलाफ विभिन्न पुलिस थानों में मुकदमे दर्ज किए हैं। यह कार्रवाई जिला प्रशासन, कृषि विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा निगरानी रिपोर्टों और फील्ड जांच के आधार पर की गई। जानकारी के अनुसार थाना धनौला, बरनाला सिटी-1, शेहणा, तपा और भदौड़ पुलिस ने अलग-अलग गांवों में गेहूं की नरवाई जलाने के आरोप में केस दर्ज किए हैं। प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट बरनाला हरप्रीत सिंह द्वारा जारी आदेशों के उल्लंघन के चलते की गई है। थाना धनौला पुलिस ने की कार्रवाई थाना धनौला पुलिस ने क्लस्टर और नोडल अधिकारियों की रिपोर्ट के आधार पर गांव कालेके, बडबर और धनौला क्षेत्र के किसानों पर कार्रवाई की। इनमें गमदूर सिंह, बलजीत कौर, मनमीत सिंह, मनप्रीत सिंह, संता सिंह, रूप सिंह, कुलवंत सिंह, नाथा सिंह उर्फ शिवनाथ, गुरचरण सिंह, राजवंत सिंह और सज्जन सिंह के नाम शामिल हैं। अधिकारियों ने बताया कि खेतों में आग लगाने की पुष्टि लोकेशन रिपोर्ट और पटवारी जांच के बाद हुई। इसी तरह थाना बरनाला पुलिस ने गांव पत्ती सोहल खुड्डी कला के तरलोचन सिंह, गांव चीमा के सिकंदर सिंह और गांव कैरे के मनागर सिंह तथा हरदीप सिंह के खिलाफ केस दर्ज किए हैं। थाना शेहणा पुलिस ने गांव बुर्ज फतेहगढ़ की अमरजीत कौर, थाना तपा पुलिस ने भोला सिंह और जय गोपाल, जबकि थाना भदौड़ पुलिस ने वरिंदरजीत सिंह के खिलाफ कार्रवाई की है। प्रशासन ने कहा कि पराली जलाने से पर्यावरण प्रदूषित होता है, मिट्टी की उर्वरा शक्ति कम होती है और सड़क हादसों का खतरा बढ़ता है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी सैटेलाइट निगरानी और फील्ड जांच के आधार पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
